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Govt on EVEREST Masala: एवरेस्ट के कुछ मसालों में एथिलीन ऑक्साइड मानक से ज्यादा, सरकार ने दिए ये निर्देश

Indian Govt on MDH,EVEREST Masala Standard: सरकारी एजेंसी ने MDH और EVEREST से लिए गए नमूनों का परीक्षण किया। और उसने पाया कि एमडीएच के सभी 18 नमूने मानकों के अनुरूप थे। लेकिन एवरेस्ट के 12 में से कुछ नमूने मानकों के अनुरूप नहीं थे।

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एवरेस्ट मसालों पर एक्शन

Indian Govt Instruction to MDH,EVEREST Masala Standard:मसालों में हानिकारक रसायन विवाद की आंच अब भारत में भी बड़ी हो गई है। मसाला ब्रांड एवरेस्ट के कुछ नमूनों में एथिलीन ऑक्साइड (ईटीओ) रसायन की मौजूदगी सख्त मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट के अनुसार एथिलीन ऑक्साइड की मात्रा तय मानक 0.1 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम) के अनुरूप नहीं पाई गई है । जिसके बाद सरकार ने कंपनी से इस दिशा में सुधारात्मक कदम उठाने को कहा है। इसके पहले कुछ मसाला उत्पादों में ईटीओ के अंश पाए जाने के बाद सिंगापुर और हांगकांग ने दो भारतीय मसाला ब्रांड- एमडीएच और एवरेस्ट के उत्पादों को प्रतिबंधित कर दिया है।

MDH और EVEREST में क्या मिला

न्यूज एजेंसी के अनुसार अधिकारी ने बताया कि हमने MDH और EVEREST से लिए गए नमूनों का परीक्षण किया है और हमने पाया है कि एमडीएच के सभी 18 नमूने मानकों के अनुरूप थे। लेकिन एवरेस्ट के 12 में से कुछ नमूने मानकों का गैर-अनुपालन कर रहे थे। इसके लिए हमने उन्हें सुधारात्मक कदम उठाने को कहा गया है और हम इस अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए उनके साथ काम कर रहे हैं।हालांकि, इस संबंध में टिप्पणी के लिए एवरेस्ट को भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं मिला है।

यूरोपीय संघ और दूसरे देश में क्या है मानक

विभिन्न देश ईटीओ के संबंध में अलग-अलग अधिकतम अवशिष्ट सीमा का पालन करते हैं। जहां यूरोपीय संघ ने यह सीमा 0.02-0.1 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम तय की है, वहीं सिंगापुर में यह 50 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम और जापान में 0.01 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम है। इन नमूनों का परीक्षण 0.1 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम के आधार पर किया गया था।अप्रैल में मसालों का निर्यात 12.27 प्रतिशत बढ़कर 40.56 करोड़ अमेरिकी डॉलर हो गया।अधिकारी ने कहा कि समय के साथ अवशिष्ट सीमा की आवश्यकताएं विकसित हो रही हैं और मसाला उद्योग इस बात से पूरी तरह अवगत है। उन्होंने कहा कि सरकार मसाला निर्यातकों की क्षमता निर्माण के लिए यूएस एफडीए और विश्व व्यापार संगठन के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चला रही है।

TNN Business Desk
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