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एक तरफ गूगल में छंटनी, तो दूसरी तरफ बॉस सुंदर पिचाई को मिला 1787 करोड़ रुपये का बोनस

  • Authored by: आशीष कुशवाहा
  • Updated Apr 22, 2023, 08:35 AM IST

गूगल में लगातार छंटनी का दौर जारी है। कंपनी लागत में कमी करने के लिए कर्मचारियों को निकाल रही हैं। ऐसे में ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक अल्फाबेट इंक. के CEO सुंदर पिचाई का सैलरी पैकेज बढ़कर साल 2022 में 226 मिलियन डॉलर (करीब 1,854 करोड़ रुपये) हो गया।

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गूगल सीईओ सुंदर पिचाई

Photo : BCCL

Google CEO Sundar Pichai: गूगल में लगातार छंटनी का दौर जारी है। कंपनी लागत में कमी करने के लिए कर्मचारियों को निकाल रही हैं। ऐसे में ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक अल्फाबेट इंक. के CEO सुंदर पिचाई का सैलरी पैकेज बढ़कर साल 2022 में 226 मिलियन डॉलर (करीब 1,854 करोड़ रुपये) हो गया। इसके पीछे की वजह 218 मिलियन डॉलर (करीब 1787 करोड़ रुपये ) का त्रैवार्षिक स्टॉक अवार्ड को बताया जा रहा है, जो कई सिलिकॉन वैली में काम करने वाले साथियों के मुआवजे से भी काफी बड़ी रकम है। गूगल की पैरेंट कंपनी के शुक्रवार को फाइलिंग के अनुसार, जब उन्हें स्टॉक अवार्ड नहीं मिला था, तब उनके वेतन की तुलना पिछले साल 6.3 मिलियन डॉलर से की गई थी। पिछले तीन सालों में उनकी सैलरी 2 मिलियन डॉलर पर स्थिर बनी हुई थी।

तीन साल में एक बार मिलता है अवार्ड

बता दें कि स्टॉक अवार्ड तीन साल के अंतराल पर मिलता है और इसके पहले पिचाई को 2019 में 281 मिलियन डॉलर के इसी तरह का पैकेज दिया गया था। खासतौर से अल्फाबेट और अन्य प्रमुख कंपनियों में छंटनी की लहर के बाद सीईओ को इस तरह का मुआवजा मिलना IT इंडस्ट्री में एक विशेष रूप से संवेदनशील विषय बन गया है। इसके पहले Apple इंक के सीईओ टिम कुक ने पिछले दो सालों में प्रत्येक साल 100 मिलियन डॉलर की सैलरी पर बवाल होने के बाद उन्होंने अपना 2023 का वेतन घटा दिया है।

पिचाई का पैकेज सभी से ज्यादा

पिचाई का पैकेज इतना ज्यादा था कि वे 2022 में अल्फाबेट में अन्य अधिकारियों से टॉप पर थे। गूगल (Google) की ज्ञान और सूचना के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रभाकर राघवन और मुख्य व्यवसाय अधिकारी फिलिप शिंडलर, दोनों को लगभग 37 मिलियन डॉलर मिले थे। मुख्य वित्तीय अधिकारी रूथ पोराट का मुआवजा 24.5 मिलियन डॉलर था। उनका स्टॉक अनुदान वार्षिक आधार पर दिया जाता है।

गूगल ने शुरू कर दी है छंटनी

जनवरी में, खर्च को कम करने और नई प्राथमिकताओं को निर्धारित करने के लिए हाल ही अल्फाबेट ने लगभग 12,000 नौकरियों यानी अपने वैश्विक कर्मचारियों के 6% हिस्से में कटौती शुरू कर दी है।

आशीष कुशवाहा
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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