बेरोजगार युवाओं के लिए खुशखबरी, 100000000 नई नौकरियां आएंगी, जानें कब तक?
- Edited by: आलोक कुमार
- Updated Jan 5, 2026, 04:13 PM IST
भारत में कार्यशील आयु की जनसंख्या प्रतिवर्ष लगभग 1.2 करोड़ की दर से बढ़ रही है, जबकि विनिर्माण जैसे पारंपरिक रोजगार के साधन विस्तार करने में संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नए कार्यबल को खपाने और अपने जनसांख्यिकीय लाभांश का लाभ उठाने के लिए देश को हर साल 80 से 90 लाख नौकरियां सृजित करने की आवश्यकता है।
नई नौकरी
देश के करोड़ों बेरोजगार युवाओं के लिए अच्छी खबर है। आने वाले समय में उद्योग जगत बड़ी संख्या में नई नौकरियां देने की तैयारी कर रहा है। आपको बता दें कि उद्योग जगत के दिग्गजों के एक समूह ने सोमवार को 'हंड्रेड मिलियन जॉब्स' (10 करोड़ नौकरियां) नामक एक राष्ट्रीय पहल की शुरुआत की। इस पहल का उद्देश्य आगामी दशक में भारत में 10 करोड़ रोजगार के अवसर पैदा करना है, क्योंकि देश तेज आर्थिक वृद्धि के बावजूद अपर्याप्त रोजगार की समस्या से जूझ रहा है। इस मुहिम की घोषणा सॉफ्टवेयर उद्योग निकाय नैसकॉम के सह-संस्थापक हरीश मेहता, वैश्विक उद्यमी नेटवर्क 'द इंडस एंटरप्रेन्योर्स' (टीआईई) के संस्थापक ए जे पटेल और सेंटर फॉर इनोवेशन इन पब्लिक पॉलिसी (सीआईपीपी) के संस्थापक के यतीश राजावत ने की।
हर साल 80 से 90 लाख नई नौकरियों की जरूरत
भारत में कार्यशील आयु की जनसंख्या प्रतिवर्ष लगभग 1.2 करोड़ की दर से बढ़ रही है, जबकि विनिर्माण जैसे पारंपरिक रोजगार के साधन विस्तार करने में संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नए कार्यबल को खपाने और अपने जनसांख्यिकीय लाभांश का लाभ उठाने के लिए देश को हर साल 80 से 90 लाख नौकरियां सृजित करने की आवश्यकता है। दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने के बाद भी भारत में रोजगार की वृद्धि दर उत्पादन विस्तार की तुलना में पीछे रही है। स्वचालन और कृत्रिम मेधा (एआई) व्यापार के तौर-तरीकों को बदल रहे हैं और कई क्षेत्रों में शुरुआती स्तर के पदों को कम कर रहे हैं। ऐसे में यह चिंता बढ़ गई है कि आर्थिक वृद्धि रोजगार सृजन से पूरी तरह कट सकती है।
रोजगार सृजन को बढ़ावा देने का लक्ष्य
'हंड्रेड मिलियन जॉब्स' मिशन उद्यमिता, कौशल विकास और श्रम-प्रधान उद्यमों को भारत की रोजगार रणनीति के केंद्र में रखता है। इस पहल का लक्ष्य रोजगार सृजन को आर्थिक वृद्धि का एक मुख्य मानक बनाना है, जिसका ध्यान विभिन्न क्षेत्रों में विकेंद्रीकृत और सुदृढ़ आजीविका सुनिश्चित करने पर होगा। हरीश मेहता ने एक बयान में कहा कि हंड्रेड मिलियन जॉब्स रोजगार सृजनकर्ताओं - उद्यमियों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों और नियोक्ताओं को मजबूत करने का एक व्यवस्थित प्रयास है। इसके तहत कौशल, उद्यम, डेटा और नीति में सामंजस्य बिठाकर अगली पीढ़ी के लिए लचीली और गरिमापूर्ण आजीविका सुनिश्चित की जाएगी।
स्टार्टअप बड़े नियोक्ता बनकर उभरे
ए जे पटेल ने कहा कि स्टार्टअप और लघु उद्योग, जो भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लगभग 30 प्रतिशत का योगदान देते हैं और सबसे बड़े नियोक्ता हैं, उनका विस्तार बड़े शहरों से आगे होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर भारत को प्रतिवर्ष 80-90 लाख नौकरियां सृजित करनी हैं, तो कुछ ढांचागत बाधाओं को दूर करना होगा ताकि उद्यमिता आम लोगों के लिए एक व्यावहारिक साधन बन सके।
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