इन सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! नए लेबर कोड से मिलेंगे बड़े फायदे
- Authored by: आलोक कुमार
- Updated Nov 22, 2025, 09:02 AM IST
नए लेबर कोड में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पत्रकार, डिजिटल मीडिया पत्रकार, डबिंग आर्टिस्ट, स्टंट पर्सन आदि को सभी लाभ मिलेंगे। नियुक्ति पत्र अनिवार्य होगा जिसमें पद, वेतन और सोशल सिक्योरिटी का उल्लेख होगा। समय पर वेतन भुगतान करना होगा। ओवरटाइम सहमति से होगा और दोगुने वेतन का भुगतान करना होगा।
नए लेबर कोड
केंद्र सरकार ने 29 पुराने श्रम कानूनों को 4 लेबर कोड में समेट दिया है। ये बदलाव कंपनियों को बिजनेस करने में सहूलियत के साथ ही श्रमिकों के अधिकारों व कल्याण को मजबूत करने का काम करेगा। आइए जानते हैं कि नए लेबर कोड से किन सेक्टर में काम करने वाले कमागारों को फायदा मिलेगा।
गिग वर्कर्स
कंपनियों को अपने वार्षिक टर्नओवर का 1–2% योगदान देना होगा, जिससे वर्कर्स के लिए सोशल सिक्योरिटी फंड बनेगा। आधार-लिंक्ड यूनिवर्सल अकाउंट नंबर से वेलफेयर लाभ राज्य बदलने पर भी मिलेंगे।
कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स
कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स को स्थायी कर्मचारियों जैसा सामाजिक सुरक्षा व कानूनी संरक्षण मिलेगा। एम्प्लॉयर कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स को स्वास्थ्य सुविधाएं और सामाजिक सुरक्षा देना अनिवार्य होगा। सभी कर्मचारियों को मुफ्त सालाना हेल्थ चेकअप का लाभ मिलेगा।
महिला कर्मचारी
समान काम के लिए समान वेतन सुनिश्चित। महिलाओं को उनकी सहमति के साथ नाइट शिफ्ट, अंडरग्राउंड माइनिंग आदि में अनिवार्य सुरक्षा देना होगा। फैमिली डिफिनिशन में माता-पिता के साथ ससुर–सास को जोड़ने की सुविधा होगी।
युवा कर्मचारी
सभी कर्मचारियों को मिनिमम वेज की गारंटी मिलेगी। हर वर्कर को अपॉइंटमेंट लेटर मिलेगा—जिससे रोजगार इतिहास और सामाजिक सुरक्षा मजबूत होगी। अवकाश के दौरान वेतन का भुगतान अनिवार्य होगा। केंद्र सरकार द्वारा तय फ्लोर वेज के आधार पर सम्मानजनक जीवन स्तर की गारंटी होगी।
MSME वर्कर्स
नए लेबर कोड आने के बाद कर्मचारी संख्या के आधार पर सभी MSME वर्कर्स सोशल सिक्योरिटी कोड में शामिल करना अनिवार्य होगा। न्यूनतम वेतन सभी के लिए अनिवार्य होगा। कैंटीन, पेयजल, रेस्ट एरिया जैसी सुविधाओं का प्रावधान करना होगा। काम का समय, दोगुना ओवरटाइम और पेड लीव जरूरी होगा। समय पर वेतन भुगतान अनिवार्य किया गया है।
बीड़ी और सिगार वर्कर्स
सभी वर्कर्स को न्यूनतम वेतन की गारंटी मिलेगी। कार्य समय: प्रतिदिन 8–12 घंटे, प्रति सप्ताह 48 घंटे की सीमा तय। ओवरटाइम सहमति-आधारित और दोगुनी दर पर भुगतान करना होगा। वर्ष में 30 दिन काम पूरा करने पर बोनस मिलेगा।
प्लांटेशन वर्कर्स
प्लांटेशन वर्कर्स अब OSHWC कोड और सोशल सिक्योरिटी कोड के दायरे में होंगे। 10 से अधिक वर्कर्स या 5+ हेक्टेयर क्षेत्र वाले प्लांटेशन पर श्रम कोड लागू होगा। वर्कर्स और परिवारों को पूर्ण ESI मेडिकल सुविधा, बच्चों की शिक्षा की गारंटी होगी।
डिजिटल मीडिया पत्रकार
नए लेबर कोड में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पत्रकार, डिजिटल मीडिया पत्रकार, डबिंग आर्टिस्ट, स्टंट पर्सन आदि को सभी लाभ मिलेंगे। नियुक्ति पत्र अनिवार्य होगा जिसमें पद, वेतन और सोशल सिक्योरिटी का उल्लेख होगा। समय पर वेतन भुगतान करना होगा। ओवरटाइम सहमति से होगा और दोगुने वेतन का भुगतान करना होगा।
खदान (माइन) वर्कर्स
कुछ स्थितियों में आने-जाने के दौरान हुई दुर्घटनाएं भी रोजगार-संबंधी मानी जाएंगी। केंद्र सरकार द्वारा तय मानकों के अनुसार कार्यस्थल सुरक्षा और स्वास्थ्य की गारंटी मिलेगी। सभी को मुफ्त वार्षिक हेल्थ चेकअप कराना अनिवार्य होगा। काम का समय: 8–12 घंटे प्रतिदिन, 48 घंटे प्रति सप्ताह होगा।
खतरनाक (Hazardous) उद्योगों के वर्कर्स
सभी वर्कर्स के लिए मुफ्त सालाना हेल्थ चेकअप करना अनिवार्य होगा। महिलाएं सभी प्रकार के कार्यों (अंडरग्राउंड और हैवी मैकेनरी सहित) में काम कर सकेंगी।
टेक्सटाइल वर्कर्स
सभी प्रवासी श्रमिकों (प्रत्यक्ष, ठेके पर या स्वयं-प्रवासी) को समान वेतन और सुविधा मिलेगी। लंबित भुगतान के दावे 3 साल तक किए जा सकेंगे। ओवरटाइम पर दोगुना वेतन अनिवार्य होगा।
IT & ITES वर्कर्स
हर महीने की 7 तारीख तक वेतन भुगतान अनिवार्य होगा। महिलाओं के लिए नाइट शिफ्ट की अनुमति होगी। फिक्स्ड-टर्म रोजगार और अपॉइंटमेंट लेटर से सोशल सिक्योरिटी की गारंटी होगी।
डॉक वर्कर्स
सभी डॉक वर्कर्स को औपचारिक मान्यता और कानूनी सुरक्षा देनी होगी। नियुक्ति पत्र अनिवार्य—सोशल सिक्योरिटी सुनिश्चित करना होगा। PF, पेंशन और इंश्योरेंस सभी वर्कर्स को (कॉन्ट्रैक्ट/टेम्पररी सहित) देना होगा।
निर्यात (Export) क्षेत्र के वर्कर्स
फिक्स्ड-टर्म वर्कर्स को ग्रेच्युटी, PF और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ दिया जाएगा। वर्ष में 180 दिन कार्य पर वार्षिक अवकाश पाने का अधिकार होगा। समय पर वेतन भुगतान, बिना अनधिकृत कटौती और बिना वेतन सीमा के भुगतान की गारंटी मिलेगी।
फिक्स्ड-टर्म कर्मचारी (FTE)
फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को स्थायी कर्मचारियों के बराबर सभी सुविधाएं मिलेंगी जैसे छुट्टियां, मेडिकल लाभ और सोशल सिक्योरिटी। ग्रेच्युटी का हक अब 5 साल के बजाय सिर्फ एक साल बाद ही मिलेगा। स्थायी कर्मचारियों के समान वेतन मिलेगा, जिससे आय और सुरक्षा दोनों बढ़ेंगी।
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