बिजनेस

बिल्डर्स और बायर्स के लिए खुशखबरी! यूपी सरकार ला रही यूनिफाइड बिल्डिंग कोड, होंगे ये 4 फायदे

UP सरकार ने यूनिफाइड बिल्डिंग कोड का ड्राफ्ट जारी किया है। फिलहाल यह 'निवेश मित्र' पोर्टल पर जनता के सुझावों के लिए उपलब्ध है।

Image

रियल एस्टेट

UP Unified Building Code 2026: रियल एस्टेट में बड़े बदलाव करने के लिए यूपी सरकार एक यूनिफाइड बिल्डिंग कोड लेकर आ रही है। सरकार ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे जैसे औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के लिए एक 'यूनिफाइड बिल्डिंग कोड' का ड्राफ्ट पेश किया गया है। इसका उद्देश्य अलग-अलग प्राधिकरणों के जटिल नियमों को खत्म कर एक समान व्यवस्था लागू करना है। इसके साथ, वे सभी श्रेणियों में फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) की सीमा बढ़ाने, ज्यादा FAR को प्लॉट से लगी सड़क की चौड़ाई से जोड़ने और बिल्डिंग की ऊंचाई की सीमा को हटाने की भी योजना है। अब तक भवनों की ऊंचाई को लेकर कई पाबंदियां हैं। क्या होंगे फायदे

1. एक समान नियम लागू होंगे

वर्तमान में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और YEIDA जैसे प्राधिकरणों के बिल्डिंग बायलॉज अलग-अलग हैं। यूनिफाइड कोड आने से पूरे राज्य में एक समान नियम लागू होंगे। इससे बिल्डरों के लिए नियमों की 'गलत व्याख्या' करना मुश्किल होगा और बायर्स को पता होगा कि वे जो घर खरीद रहे हैं, वह किन मानकों पर बना है। इसके साथ रुके प्रोजेक्ट पर काम आसानी से शुरू हो पाएगा। रीयरको के एमडी, गीतांजलि खन्ना ने कहा कि यह बदलाव अधूरी परियोजनाओं के लिए संजीवनी जैसा होगा। ज्यादा FAR मिलने से प्रोजेक्ट्स की फाइनैन्शल वाइअबिलटी बढ़ेगी और रुके हुए प्रोजेक्ट्स को नया जीवन मिलेगा।

2. खुला और हवादार वातावरण मिलेगा

डिलीजेन्ट बिल्डर्स के सीओओ, अश्वनी नागपाल ने कहा कि सड़क की चौड़ाई के हिसाब से ऊंचे टावर बनने से घरों की संख्या बढ़ेगी, जिससे लागत कम होगी और सीधा फायदा घर खरीदारों की जेब तक पहुंचेगा। गगनचुंबी टावर बनने से जमीन का बेहतर प्रबंधन होगा। ऊंची इमारत बनने से होम बायर्स (Home Buyers) को अधिक खुली जगह मिलेंगे। होम बायर्स एक खुला और हवादार वातावरण मिलेगा। ऊंची इमारतों की अनुमति मिलने से (अधिक FSI के कारण) अब प्राइम लोकेशन्स पर भी अधिक फ्लैट्स बन सकेंगे। इससे बायर्स को शहर के मुख्य हिस्सों में घर खरीदने के ज्यादा विकल्प मिलेंगे।

3. समय पर मिल पाएगा प्रोजेक्ट का पजेशन

रेनॉक्स ग्रुप के चेयरमैन, शैलेन्द्र शर्मा ने बताया कि एक जैसे बिल्डिंग नियमों के लागू होने से पूरे ज़िले में बिल्डिंग बनाने के लिए एक नियम होगा। इससे डेवलपर्स का भ्रम दूर होगा व विवाद की स्थिति नहीं रह जाएगी, निर्माण और विकास करना आसान हो जाएगा। विजन बिजनेस पार्क फाउन्डर, अतुल विक्रम सिंह ने कहा कि अक्सर नियमों की जटिलता के कारण प्रोजेक्ट्स के नक्शे पास होने में देरी होती है, जिसका खामियाजा बायर्स को देरी से पजेशन के रूप में भुगतना पड़ता है। यूनिफाइड बिल्डिंग कोड से अप्रूवल की प्रक्रिया 'सिंगल विंडो' की तरह सरल हो जाएगी, जिससे प्रोजेक्ट्स के समय पर पूरे होने की संभावना बढ़ेगी।

4. प्रॉपर्टी वैल्यू में बढ़ोतरी होगी

यूनिफाइड कोड के तहत बने प्रोजेक्ट्स अंतरराष्ट्रीय मानकों के करीब होंगे। गनचुंबी इमारतों और बेहतर टाउनशिप प्लानिंग के कारण ऐसी प्रॉपर्टीज की रीसेल वैल्यू और रेंटल इनकम (किराया) भविष्य में काफी अच्छी रहने की उम्मीद है। इतना ही नहीं, छोटे प्लॉट पर बड़े टावर बन पाएंगे।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

और पढ़ें
End of Article