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GOLD ETF: 13 महीने में पहली बार Gold ETF से निवेशकों ने निकाला पैसा, जानें क्यों हुआ ऐसा

GOLD ETF: एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों के अनुसार, निकासी के बावजूद अप्रैल के अंत में स्वर्ण कोषों के प्रबंधन के तहत परिसंपत्तियां (AUM) पांच प्रतिशत बढ़कर 32,789 करोड़ रुपये हो गईं, जो पिछले महीने में 31,224 करोड़ रुपये पर थीं।

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गोल्ड ईटीएफ

GOLD ETF: करीब 13 महीने बाद गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) से निवेशकों ने पैसा निकाला है। अप्रैल में ETF से 396 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी हुई है। निवेशकों के मुनाफा वसूली की वजह से यह निकासी हुई है। इससे पहले मार्च, 2023 में निवेशकों ने गोल्ड ईटीएफ से निकासी की थी। उस समय गोल्ड ईटीएफ से 266 करोड़ रुपये निकाले गए थे।एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों के अनुसार, निकासी के बावजूद अप्रैल के अंत में स्वर्ण कोषों के प्रबंधन के तहत परिसंपत्तियां (AUM) पांच प्रतिशत बढ़कर 32,789 करोड़ रुपये हो गईं, जो पिछले महीने में 31,224 करोड़ रुपये पर थीं।

क्यों निकला Gold ETF से पैसा

आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में गोल्ड ईटीएफ से 396 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी हुई, जबकि मार्च में 373 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था।आखिरी बार इस परिसंपत्ति वर्ग से शुद्ध निकासी मार्च, 2023 में हुई थी। उस समय गोल्ड ईटीएफ से 266 करोड़ रुपये निकाले गए थे।मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के विश्लेषक मेल्विन सैंटारिटा ने कहा कि ‘भारतीय रुपये के संदर्भ में सोने ने पिछले वर्ष काफी अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन शेयरों से तुलना की जाए, यह काफी कम है। इसव जह से गोल्ड ईटीएफ श्रेणी में निवेश शेयरों की तुलना में कुछ हद तक कमजोर रहा है।

HDFC Bank, LIC को सबसे ज्यादा नुकसान

सेंसेक्स की शीर्ष 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से छह के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में बीते सप्ताह सामूहिक रूप से 1,73,097.59 करोड़ रुपये की गिरावट आई। सबसे अधिक नुकसान एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) को हुआ। बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,213.68 अंक या 1.64 प्रतिशत के नुकसान में रहा।

  • HDFC Bank का बाजार मूल्यांकन 60,678.26 करोड़ रुपये घटकर 10,93,026.58 करोड़ रुपये पर आ गया।
  • LIC के बाजार पूंजीकरण में 43,168.1 करोड़ की गिरावट आई और यह 5,76,049.17 करोड़ रुपये रह गया।
  • RIL का मार्केट कैप 36,094.96 करोड़ रुपये घटकर 19,04,643.44 करोड़ रुपये पर आ गया।
  • ICICI Bank का बाजार पूंजीकरण 17,567.94 करोड़ रुपये घटकर 7,84,833.83 करोड़ रुपये हो गया।
  • SBI का मूल्यांकन 11,780.49 करोड़ रुपये घटकर 7,30,345.62 करोड़ रुपये रह गया।

शीर्ष 10 कंपनियों की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर कायम रही। इसके बाद टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल, भारतीय स्टेट बैंक, इन्फोसिस, एलआईसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर और आईटीसी का स्थान रहा।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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