Hormuz Crisis Impact on Global Share Market : मिडिल ईस्ट से आई नई जंग जैसी खबर ने शुक्रवार सुबह ग्लोबल मार्केट का माहौल बिगाड़ दिया है। ईरान ने अमेरिका पर सीजफायर तोड़ने और होर्मुज स्ट्रेट के पास तेल टैंकरों पर हमला करने का आरोप लगाया है। इसके बाद Gift Nifty समेत एशियाई बाजारों में तेज गिरावट देखने को मिली है। कच्चे तेल में उछाल ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है।
होर्मुज स्ट्रेट से बढ़ा भू-राजनीतिक खतरा
ईरान के सरकारी मीडिया IRIB के मुताबिक, अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के पास एक ईरानी ऑयल टैंकर को निशाना बनाया। तेहरान ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने खामिर, सिरिक और क़ेश्म द्वीप के तटीय इलाकों में एयरस्ट्राइक भी की। इसके जवाब में ईरान ने अमेरिकी सैन्य जहाजों पर पलटवार करने का दावा किया है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम ऑयल रूट्स में से एक माना जाता है। दुनिया की बड़ी तेल सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। ऐसे में यहां तनाव बढ़ने का सीधा असर ग्लोबल इक्विटी और कमोडिटी मार्केट पर दिख रहा है।
| एशियाई बाजार | लेटेस्ट स्तर | बदलाव | % बदलाव |
|---|---|---|---|
| GIFT Nifty | 24,265.00 | -133.50 | -0.55% |
| Nikkei 225 | 62,254.00 | -579.84 | -0.92% |
| Hang Seng | 26,270.00 | -356.28 | -1.34% |
| KOSPI | 7,386.89 | -103.16 | -1.38% |
| Taiwan Weighted | 41,340.14 | -593.64 | -1.42% |
| Straits Times | 4,902.44 | -39.52 | -0.80% |
| Shanghai Composite | 4,167.40 | -12.69 | -0.30% |
| Jakarta Composite | 7,160.53 | -13.79 | -0.19% |
| SET Composite | 1,507.53 | 0.00 | 0.00% |
Gift Nifty में बड़ी गिरावट, भारतीय बाजार पर दबाव
सुबह Gift Nifty करीब 133 अंक टूटकर 24,265 के स्तर पर ट्रेड करता दिखा। यह संकेत दे रहा है कि भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर हो सकती है। निवेशकों में डर का माहौल है क्योंकि भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने पर विदेशी निवेशक रिस्क वाले एसेट्स से दूरी बनाते हैं। एशियाई बाजारों में भी भारी दबाव दिखा। जापान का Nikkei 225 करीब 580 अंक टूटा जबकि Hang Seng में 1.3% से ज्यादा गिरावट रही। KOSPI और Taiwan Weighted Index में भी तेज बिकवाली दर्ज की गई।
कच्चे तेल में उछाल ने बढ़ाई चिंता
Brent Crude 101 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है। Crude Oil भी करीब 1.5% चढ़ा। तेल की कीमतों में तेजी भारत जैसे आयातक देशों के लिए चिंता की बात मानी जाती है क्योंकि इससे महंगाई और चालू खाता घाटा बढ़ सकता है। अगर मिडिल ईस्ट तनाव और बढ़ता है तो ऑयल मार्केट में और उछाल देखने को मिल सकता है। इसका असर एविएशन, पेंट, केमिकल और ऑटो सेक्टर के शेयरों पर पड़ सकता है।
| कमोडिटी/करेंसी | लेटेस्ट स्तर | बदलाव | % बदलाव |
|---|---|---|---|
| Brent Crude | 101.58 | +1.52 | +1.52% |
| Crude Oil | 96.20 | +1.39 | +1.47% |
| Gold | 4,712.85 | +26.51 | +0.57% |
| Dollar Index | 98.27 | +0.03 | +0.03% |
अमेरिकी बाजारों में मिला-जुला रुख
अमेरिकी बाजारों में रातभर उतार-चढ़ाव देखने को मिला। S&P 500 और Nasdaq हल्की गिरावट के साथ बंद हुए जबकि Dow Jones Futures मामूली बढ़त में दिखा। हालांकि यूरोपीय बाजारों में बड़ा दबाव रहा और FTSE, CAC तथा DAX सभी लाल निशान में बंद हुए। आने वाले कुछ सेशंस में बाजार की दिशा पूरी तरह मिडिल ईस्ट की खबरों पर निर्भर रह सकती है। अगर तनाव कम नहीं हुआ तो ग्लोबल मार्केट में वोलैटिलिटी और बढ़ सकती है।
| अमेरिकी और यूरोपीय बाजार | लेटेस्ट स्तर | बदलाव | % बदलाव |
|---|---|---|---|
| Dow Jones Futures | 49,654.49 | +57.52 | +0.12% |
| S&P 500 | 7,337.11 | -28.01 | -0.38% |
| Nasdaq | 25,806.20 | -32.75 | -0.13% |
| FTSE 100 | 10,276.95 | -161.71 | -1.57% |
| CAC 40 | 8,202.08 | -97.34 | -1.19% |
| DAX | 24,663.61 | -255.08 | -1.03% |
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