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Global Markets में तबाही! KOSPI 9% और Nikkei 4% टूटा, भारतीय बाजार का क्या होगा?

ग्लोबल शेयर मार्केट्स में सोमवार 8 जून को बिकवाली की सुनामी देखने को मिली है। खासतौर पर दक्षिण कोरियाई बेंचमार्क KOSPI 9% और जापानी Nikkei 4% तक लुढ़क गए। क्यों आई ये गिरावट और भारतीय बाजार का क्या होगा?

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वैश्विक बाजारों में भारी गिरावट

Global Markets Today 8 June, 2026 : आज वैश्विक बाजारों में चौतरफा बिकवाली हावी है। खासतौर पर साउथ कोरियाई बेंचमार्क इंडेक्स KOSPI और जापानी बेंचमार्क Nikkei में बड़ी गिरावट देखने केा मिली है। KOSPI में जहां कारोबार शुरू होते ही 9% की गिरावट देखने को मिली।दक्षिण कोरियाई बेंचमार्क 7,442.73 अंक तक लुढ़क गया।

वहीं, Nikkei 4% से ज्यादा गिरावट के साथ 63,475.00 अंक तक लुढ़क गया। इसके अलावा Tiwan Weighted 5%, Heng Seng 1.5% तक लुढ़क गए हैं। चीनी मेनलेंड बेंचमार्क शंघाई कंपोजिट में भी करीब 1 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।

भारतीय बाजार का क्या होगा हाल?

जहा पूरी दुनिया के बाजारों का हाल बेहाल नजर आ रहा है। वहीं, Gift Nifty फिलहाल हरे रंग में सपाट स्तर पर कारोबार कर रहा है। Gift Nifty में सुबह करीब 16 से 50 अंक की तेजी देखने को मिली है। हालांकि, निफ्टी और गिफ्ट निफ्टी की रेंज देखें, तो इससे Nifty Sensex में बड़ी गिरावट का संकेत मिल रहा है। क्योंकि, Gift Nifty फिलहाल 23,081.50 से 23,185.00 की रेंज में कारोबार कर रहा है। जबकि, Nifty शुक्रवार को 23,366.70 अंक पर बंद हुआ था। इस तरह गिफ्ट निफ्टी का लेवल भारतीय बाजार में गिरावट के संकेत दे रहा है।

अमेरिकी बाजारों में हाहाकार

इससे पहले शुक्रवार को अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों में भी भारी गिरावट देखने को मिली थी। टेक हेवी इंडेक्स Nasdaq शुक्रवार को 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के साथ बंद हुआ था। इसकी वजह से अमेरिकी बाजार से करीब 2 लाख करोड़ डॉलर की पूंजी साफ हो गई। सोमवार 8 जून को भी अमेरिकी बाजार का मुख्य फ्यूचर इंडेक्स Dow Jones Futures 50,613.73 तक गिर चुका है।

क्रूड में तेजी ने बढ़ाई चिंता

अमेरिका और ईरान के बीच फिर से मिसाइलें चलने का असर क्रूड ऑयल और गैस की कीमतों पर दिख रहा है। सोमवार सुबह ब्रेंड क्रूड के दाम में करीब 4 फीसदी का उछाल देखने को मिला है। ब्रेंट फिलहाल 97 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं, WTI क्रूड भी करीब 4 फीसदी की तेजी के साथ 94 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है।

डॉलर इंडेक्स में मजबूती

शेयर मार्केट में गिरावट, क्रूड में तेजी और कमोडिटी में गिरावट के बीच डॉलर की बॉन्ड यील्ड बढ़ गई है। 1 फीसी की तेजी के साथ 10 साल के यूएस डॉलर बॉन्ड्स की यील्ड बढ़कर 4.57% हो गई है। इसकी वजह से डॉलर इंडेक्स में भी मजबूती देखने को मिली है। यह अब 100 के पार निकल गया है, जो तमाम ग्लोबल करेंसी के मुकाबले डॉलर में मजबूती का इशारा है।

क्यों आई बाजार में गिरावट?

ज्यादातर मार्केट एनालिस्टों के मुताबिक ग्लोबल बाजारों में गिरावट के पीछे अमेरिका के जॉब डाटा का बड़ा हाथ है। US में जॉब डाटा उम्मीद से बेहतर रहा है। नौकरियों के इस अच्छे डेटा की वजह से मार्केट गिरे हैं, क्योंकि तेजी से बढ़ते लेबर मार्केट से उम्मीदें बढ़ गई हैं कि फेडरल रिजर्व महंगाई से लड़ने के लिए इंटरेस्ट रेट मौजूदा स्तर पर बनाए रखेगा या बढ़ा भी देगा। इससे उधार लेने की लागत बढ़ने से कॉर्पोरेट प्रॉफिट कम होगा। जबकि, पिछले करीब 1 महीने से अमेरिकी बाजार में रेट कट की उम्मीद से बाजार में तेज रैली देखने को मिल रही थी।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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