Anthropic IPO : ग्लोबल IT और AI सेक्टर में भूचाल लाने वाले चैटबॉट Claude को बनाने वाली Anthropic IPO लाने की तैयारी में है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी अक्टूबर में लिस्टिंग कर सकती है और 60 अरब डॉलर से ज्यादा जुटाने का लक्ष्य है। OpenAI के साथ रेस में यह कदम गेमचेंजर साबित हो सकता है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि Anthropic IPO के जरिए बाजार में एंट्री की तैयारी कर रही है।
कंपनी अक्टूबर तक लिस्टिंग का लक्ष्य रख रही है, हालांकि टाइमलाइन में बदलाव संभव है। यह कदम AI सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच लिया जा रहा है, जहां OpenAI के साथ सीधी टक्कर है। Anthropic का संभावित IPO सिर्फ एक लिस्टिंग नहीं, बल्कि AI सेक्टर में नई रेस की शुरुआत हो सकती है। SpaceX के बाद अगर यह IPO आता है, तो ग्लोबल मार्केट में मेगा टेक IPO की नई लहर देखने को मिल सकती है।
$60 अरब जुटाने का लक्ष्य
रिपोर्ट्स के मुताबिक IPO के जरिए Anthropic 60 अरब डॉलर से ज्यादा जुटा सकती है। इससे पहले फरवरी में कंपनी की वैल्यूएशन करीब $380 अरब आंकी गई थी, जब उसने 30 अरब डॉलर की फंडिंग जुटाई। यह वैल्यूएशन इसे दुनिया की सबसे बड़ी AI कंपनियों में शामिल करता है और संभावित IPO को भी मेगा इश्यू की कैटेगरी में रखता है।
वॉल स्ट्रीट दिग्गज होंगे लीड मैनेजर
IPO के लिए कंपनी ने बड़े इन्वेस्टमेंट बैंकों से बातचीत शुरू कर दी है। Goldman Sachs, JPMorgan Chase और Morgan Stanley जैसे दिग्गज इस डील में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इन बैंकों की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि यह IPO ग्लोबल मार्केट का एक बड़ा इवेंट बन सकता है।
Big Tech का मजबूत सपोर्ट
Anthropic को टेक दिग्गजों का बड़ा सपोर्ट मिला हुआ है। Alphabet, Amazon, Microsoft और Nvidia ने कंपनी में निवेश किया है। इन कंपनियों ने न सिर्फ पूंजी बल्कि एडवांस AI चिप्स और इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट भी दिया है, जिससे Anthropic की टेक्नोलॉजी तेजी से आगे बढ़ी है।
Claude AI की बढ़ती पकड़
Anthropic का Claude चैटबॉट तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, खासकर फाइनेंस, हेल्थकेयर और डेवलपर इकोसिस्टम में। कंपनी खुद को “Responsible AI” के रूप में पेश करती है, जो इसे प्रतिस्पर्धियों से अलग बनाता है। साथ ही कंपनी ने अमेरिका में कस्टम डेटा सेंटर बनाने के लिए करीब $50 अरब निवेश करने की योजना बनाई है, जो इसके लॉन्ग टर्म ग्रोथ प्लान को दर्शाता है।
नियामकीय चुनौती और राहत
इस साल कंपनी को तब झटका लगा जब अमेरिकी रक्षा विभाग ने इसे सप्लाई चेन के लिए खतरा बताया। हालांकि बाद में कोर्ट से राहत मिल गई, जिससे सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स पर बड़ा असर टल गया।
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