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Gensol Engineering: जेनसोल को मिले Ezio और Ezibot ईवी के 30000 प्री-ऑर्डर, मात्र 50 पैसे प्रति किमी की है लागत! जानें शेयर का हाल

Gensol Engineering Share: जेनसोल इंजीनियरिंग ने अपनी कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक वाहनों Ezio और Ezibot के लिए 30,000 प्री-ऑर्डर हासिल किए हैं। कंपनी का दावा है कि ये ईवी मात्र 50-60 पैसे प्रति किमी की लागत पर चलती हैं और 200 किमी की रेंज देती हैं। उत्पादन पुणे के चाकन प्लांट में शुरू होगा और लॉन्च बेंगलुरु और दिल्ली जैसे शहरों में किया जाएगा।

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जेनसोल की कॉम्पैक्ट ईवी Ezio और Ezibot के 30,000 प्री-ऑर्डर

Gensol Engineering Share Price: जेनसोल इंजीनियरिंग ने अपनी दो-दरवाजों वाली, दो-सीटर कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) Ezio और Ezibot के लिए 30,000 प्री-ऑर्डर हासिल किए हैं। यह जानकारी कंपनी ने 28 जनवरी को दी। ये ईवी जेनसोल की सहायक कंपनी द्वारा विकसित किए गए हैं और माइक्रो अर्बन मोबिलिटी के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

चलाने की लागत केवल 50-60 पैसे प्रति किमी

कंपनी का दावा है कि इन ईवी की चलाने की लागत केवल 50-60 पैसे प्रति किमी है, जो पेट्रोल वाहनों की तुलना में 80% तक सस्ती है। Ezio एक बार पूरी तरह चार्ज होने पर 200 किमी की दूरी तय कर सकता है। इसे 2-3 घंटे में चार्ज किया जा सकता है।

शहरी परिवहन को बदलने की दिशा में कदम

जेनसोल के प्रबंध निदेशक, अनमोल सिंह जग्गी ने कहा कि यह वाहन शहरी परिवहन को पुनर्परिभाषित करता है। उन्होंने कहा, "हमारा ध्यान विश्वस्तरीय, उद्देश्यपूर्ण मोबिलिटी सॉल्यूशन्स बनाने पर है, जो ट्रैफिक जाम, बढ़ते प्रदूषण और किफायती बेड़े संचालन जैसी चुनौतियों का समाधान करता है।"

उत्पादन और लॉन्च की तैयारी

जेनसोल ईवी के सीईओ, प्रतीक गुप्ता ने पुष्टि की कि कंपनी पुणे के चाकन प्लांट में उत्पादन शुरू करने की तैयारी कर रही है। कंपनी बेंगलुरु और दिल्ली जैसे शहरी बाजारों में लॉन्च करने की योजना बना रही है।

'रिवर्स ट्राइक स्ट्रक्चर' और सुरक्षा पर विशेष जोर

कंपनी का कहना है कि ये ईवी 'रिवर्स ट्राइक स्ट्रक्चर' डिज़ाइन के साथ आते हैं, जो पार्किंग की समस्या कम करते हैं और स्टोरेज को ऑप्टिमाइज़ करते हैं। इससे घने शहरी इलाकों में बेहतर संचालन संभव हो पाता है। वाहनों ने 100,000 किमी से अधिक की कठोर परीक्षण प्रक्रिया पूरी की है ताकि सुरक्षा और प्रदर्शन मानकों पर खरे उतर सकें।

जेनसोल इंजीनियरिंग का शेयर प्राइस आज और रिटर्न

जेनसोल इंजीनियरिंग का शेयर प्राइस आज ₹679.90 पर खुला, जो पिछले बंद भाव ₹684.10 से 0.61% कम है। आज इसने खबर लिखने तक उच्चतम स्तर ₹686.30 का और आज का न्यूनतम स्तर ₹672 रुपये का बनाया। पिछले एक महीने में जेनसोल के शेयर में 9.9% गिरावट देखने को मिली है। पिछले एक सप्ताह में शेयर लगभग 5.3% गिरा। पिछले छह महीनों में शेयर लगभग 28.2% की गिरावट देखने को मिली है।

जेनसोल इंजीनियरिंग क्या करती है?

जेनसोल इंजीनियरिंग एक अग्रणी भारतीय कंपनी है, जो मुख्य रूप से सोलर एनर्जी और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) से जुड़े समाधानों पर काम करती है। यह कंपनी अक्षय ऊर्जा और ईवी बाजार में अपनी तकनीकी विशेषज्ञता और इनोवेशन के लिए जानी जाती है।

डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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