Gensol Engineering: कर्ज में दबी EPC कंपनी Gensol Engineering ने 600 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई है। इस फैसले को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने मंजूरी दी है, जिससे कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। ये 400 करोड़ रुपये विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बॉन्ड (FCCBs) जारी करके जुटाए जाएंगे। वहीं 200 करोड़ रुपये प्रोमोटरों को वारंट जारी कर जुटाए जाएंगे। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा, "यह कदम टिकाऊ विकास, कर्ज में कमी और स्टेकहोल्डर्स के लिए अधिकतम मूल्य प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।"
लोन-इक्विटी अनुपात में होगा सुधार
वर्तमान में, Gensol Engineering का कुल कर्ज 1,146 करोड़ रुपये और रिजर्व 589 करोड़ रुपये है, जिससे ऋण-इक्विटी अनुपात 1.95 हो जाता है। 600 करोड़ रुपये के फंडरेज के बाद, रिजर्व 1,200 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है। 615 करोड़ रुपये की परिसंपत्ति बिक्री के साथ, कंपनी का कुल कर्ज घटकर 530 करोड़ रुपये हो सकता है। इन सभी उपायों के बाद, ऋण-इक्विटी अनुपात 0.44 तक सुधारने की संभावना है।
1:10 अनुपात में होगा शेयर स्प्लिट
Gensol Engineering ने अपने शेयरों को 1:10 अनुपात में विभाजित (split) करने का निर्णय लिया है। शेयर स्प्लिट का रिकॉर्ड डेट शेयरधारकों की मंजूरी के बाद तय किया जाएगा। कंपनी ने कहा, "इस स्प्लिट का उद्देश्य शेयरों की लिक्विडिटी बढ़ाना, खुदरा निवेशकों के लिए शेयर को अधिक किफायती बनाना और ट्रेडिंग वॉल्यूम को सुधारना है।" हालांकि, इस बड़े ऐलान के बावजूद निवेशकों में उत्साह नहीं दिखा और Gensol का स्टॉक BSE पर 5% लोअर सर्किट पर 261.70 रुपये पर बंद हुआ।
रेटिंग एजेंसियों ने किया डाउनग्रेड, कंपनी पर गंभीर आरोप
ICRA और CARE Ratings ने Gensol Engineering की रेटिंग को ‘डिफॉल्ट’ घोषित कर दिया है। ICRA ने आरोप लगाया कि कंपनी ने कर्ज अदायगी से जुड़े झूठे दस्तावेज प्रस्तुत किए। इसके बाद से Gensol के शेयर में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। Gensol ने दावा किया कि कंपनी के पास पर्याप्त नकदी (250 करोड़ रुपये) और कार्यशील पूंजी तक पहुंच है। फरवरी की इन्वेस्टर कॉल में ICRA ने यह भी स्वीकार किया कि Gensol हर महीने समय पर ‘नो-डिफॉल्ट स्टेटमेंट’ जमा कर रहा था। हालांकि, बाजार में बढ़ते संदेह और निवेशकों के भरोसे की कमी के कारण, Gensol के स्टॉक पर दबाव बना हुआ है।
डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
