बिजनेस

Gautam Adani: भारतीय होना का बेस्ट समय, 2050 तक 40 लाख करोड़ डॉलर का होगा शेयर बाजार-गौतम अदानी

Gautam Adani On Economy And Stock Market: अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा है कि अगले एक दशक में भारत अपनी जीडीपी में हर 12 से 18 महीने में एक ट्रिलियन डॉलर जोड़ेगा। उन्होंने कहा कि हम दुनिया के सबसे कम खर्चीले ग्रान इलेक्ट्रॉन का उत्पादन करेंगे जो कई क्षेत्रों के लिए फीडस्टॉक बन जाएगा।

Image

गौतम अदाणी

Gautam Adani On Economy And Stock Market:अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने बुधवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि भारतीय होने का इससे अच्छा समय नहीं हो सकता। अगले एक दशक में भारत अपनी जीडीपी में हर 12 से 18 महीने में एक ट्रिलियन डॉलर जोड़ेगा। इसकी मदद से 2050 तक भारत 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा। इसी तरह भारतीय शेयर बाजार का पूंजीकरण (मार्केट कैप) 2050 तक बढ़कर 40 ट्रिलियन डॉलर को पार कर जाएगा।

2050 तक 30 लाख करोड़ डॉलर की इकोनॉमी

क्रिसिल रेटिंग्स के 'एनुअल इन्फ्रास्ट्रक्चर सबमिट' में गौतम अदाणी ने कहा कि भारत को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने में 58 वर्ष का समय लगा। अगला एक ट्रिलियन डॉलर जोड़ने में 12 वर्ष लगे और अगले पांच वर्ष में भारत तीन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन गया।

संबोधन में अदाणी ग्रुप के चेयरमैन ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था जिस हिसाब से बढ़ रही है और सरकार द्वारा लगातार आर्थिक और सामाजिक सुधार किए जा रहे हैं, मुझे लगता है कि अगले एक दशक में भारत अपनी जीडीपी में हर 12 से 18 महीने में एक ट्रिलियन डॉलर जोड़ना शुरू कर देगा। इस तरह हम 2050 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएंगे। इस दौरान इंफ्रास्ट्रक्तर पर 2.5 ट्रिलियन डॉलर से अधिक खर्च होगा। इस पूरे खर्च का लगभग 25 फीसदी एनर्जी और एनर्जी ट्रांजीशन पर होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यदि 1991 से 2014 के बीच का दौर नींव डालने और रनवे के निर्माण के बारे में था, तो 2014 और 2024 के बीच का दौर उड़ान भरने का रहा है।

एनआईपी (नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन) परियोजना जिसने वित्त वर्ष 2020 से वित्त वर्ष 25 की अवधि में 111 लाख करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश की रूपरेखा तैयार की है, यह इस बात का बेंचमार्क है कि कैसे एक सरकार पूरे सेक्टर को प्रेरित कर सकती है और ऊर्जा लॉजिस्टिक्स, एयरपोर्ट जैसे क्षेत्रों में कई हजार इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की नींव तैयार कर सकती है।

40 लाख करोड़ डॉलर का होगा शेयर बाजार

उन्होंने कहा कि 2050 तक भारतीय शेयर बाजार का पूंजीकरण (मार्केट कैप) बढ़कर 40 ट्रिलियन डॉलर (40 लाख करोड़ डॉलर) को पार कर जाएगा। इसका मतलब है कि भारत अगले 26 वर्षों में करीब 36 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट कैप अपने शेयर बाजार में जोड़ेगा। मौजूदा समय में भारत का बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) 5 ट्रिलियन डॉलर का है।अदाणी ने आगे कहा कि और किसी भी अन्य देश के पास भारत जितना बढ़ने की संभावना नहीं है। ऐसे में भारतीय होने का ये सबसे अच्छा समय है। भारत की इन्फ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्री पर उन्होंने कहा कि देश के इन्फ्रास्ट्रक्चर में अभूतपूर्व बदलाव हो रहे हैं और जिस तरह का पूंजीगत खर्च किया जा रहा है, ऐसा कभी नहीं देखा गया है। इसने भारत के कई दशकों के विकास की नींव रख दी है।

ग्रीन इलेक्ट्रॉन भारत के लिए अहम

अदाणी ने कहा कि ग्रीन इलेक्ट्रॉन की उपलब्धता किसी देश की आर्थिक प्रगति का मेन फैक्टर होगी, और मेरी राय में ग्रीन इलेक्ट्रॉन के बाजार में अब कोई लिमिट नहीं है। हम दुनिया के सबसे कम खर्चीले ग्रान इलेक्ट्रॉन का उत्पादन करेंगे जो कई क्षेत्रों के लिए फीडस्टॉक बन जाएगा।

एआई क्रांति पर अदाणी ने कहा कि इसके केंद्र में डेटा सेंटर है । और इसकी आवश्यकता को पूरा करने के लिए एआई क्रांति मशीन लर्निंग एल्गोरिदम,कंप्यूटर विज़न, गहन शिक्षण जैसे अहम इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर करती है। हमारे पास पहले से ही डेटा केंद्रों के लिए भारत की सबसे बड़ी ऑर्डर बुक है और अब हम अतिरिक्त गीगावाट स्केल एआई डेटा सेंटर पर फोकस कर रहे हैं।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

और पढ़ें
End of Article