भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली अगस्त में भी रुक नहीं रही है। 22 अगस्त तक उन्होंने करीब ₹25,564 करोड़ के शेयर बेच दिए। साल 2025 की शुरुआत से अब तक वे कुल ₹1.57 लाख करोड़ से ज्यादा की इक्विटी निकाल चुके हैं। सिर्फ शेयर ही नहीं, बल्कि अब FIIs ने बॉन्ड मार्केट से भी पैसे निकालने शुरू कर दिए हैं।
क्यों बेच रहे हैं शेयर?
भारतीय शेयर बाजार इस समय अन्य देशों की तुलना में महंगा लग रहा है। इसी वजह से विदेशी निवेशक मुनाफा कमा कर निकल रहे हैं। हालांकि वे पूरी तरह बाहर नहीं हुए हैं। अभी भी IPO और QIP जैसे प्राइमरी मार्केट में उनका निवेश जारी है। सबसे ज्यादा बिकवाली बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर में हुई, क्योंकि इसमें FIIs का बड़ा पैसा लगा है। आईटी कंपनियों के शेयर भी उन्होंने बेचे हैं, क्योंकि वहां ग्रोथ को लेकर चिंता बनी हुई है। लेकिन टेलीकॉम और कैपिटल गुड्स सेक्टर में वे अभी भी निवेश कर रहे हैं।
आगे क्या होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में बिकवाली थोड़ी कम हो सकती है। वजह है कि अमेरिकी डॉलर कमजोर हो रहा है और उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व सितंबर में ब्याज दर घटा सकता है। अगर ऐसा हुआ, तो उभरते बाजारों जैसे भारत में निवेशकों का रुझान फिर बढ़ सकता है।
नए बिजनेस में भरोसा बरकरार
Waterfield Advisors के विपुल भोर ने कहा कि पूरे 2025 में FIIs ने ज्यादातर समय बिकवाली की है। अगस्त में भी यही ट्रेंड जारी रहा। हालांकि, कभी-कभी उन्होंने थोड़ी-बहुत खरीदारी भी की है। उनके मुताबिक, विदेशी निवेशक पूरी तरह बाहर नहीं निकले हैं। वे नई कंपनियों और उभरते सेक्टर्स में अब भी निवेश कर रहे हैं, खासकर IPO और QIP के जरिए। यानी FIIs उन सेक्टरों से दूरी बना रहे हैं जहां ग्रोथ धीमी है, लेकिन नए और उभरते बिजनेस पर उनका भरोसा कायम है।
(Disclaimer: यह लेख केवल सूचना देने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है और इसे किसी प्रकार की निवेश सलाह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल अपने पाठकों/दर्शकों को सलाह देता है कि किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।)
