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अगर बैंक में है FD,तो चेंक करें ये शर्त, नहीं तो हो जाएगा बड़ा नुकसान

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Feb 16, 2023, 06:52 PM IST

Bank FD Rate: अगर आप एफडी निवेश के जरिए ज्यादा इनकम चाहते हैं तो निवेश के परंपरागत तरीके को छोड़ना होगा। मसलन निवेश के पहले कई बैंकों से ब्याज दरों की तुलना करें। केवल एक बैंक की ब्याज दरों पर निर्भर नही रहें।

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ऐसे लें FD पर फायदा

Bank FD Rate: आरबीआई द्वारा रेपो रेट में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी करने के बाद, अब बैंकों ने भी एफडी पर ब्याज दरें बढ़ाना शुरू कर दिया है। इस कड़ी में SBI, ICICI सहित दूसरे बैंक ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर रहे हैं। ऐसे में अगर आपको एफडी में निवेश करना है तो यह बेस्ट समय है। क्योंकि इस समय बैंक 7-7.5 फीसदी औसतन ब्याज दे रहे हैं। लेकिन इस बढ़ोतरी का फायदा नई एफडी कराने पर ही मिलेगा। यानी आपने अगर पहले से एफडी करा रखी है और उसकी मेच्योरिटी अवधि अभी पूरी नहीं हुई है तो आप ज्यादा ब्याज का फायदा नहीं ले पाएंगे। साथ ही अगर आपकी एफडी इस अवधि में मेच्योर हो रही है और वह ऑटो रिन्यूअल शर्त के साथ फिक्स की गई है तो आपको ब्याज दरों का नुकसान उठाना पड़ सकता है।

क्या है ऑटो रिन्यूअल शर्त

असल में जब कोई व्यक्ति बैंक में एफडी में निवेश करता है, तो उसमें बैंक ऑटो रिन्यूअल का ऑप्शन देता है। यानी अगर आप 2 लाख रुपये की बैंक एफडी 3 साल के लिए कराते हैं तो उसकी अवधि पूरी होने पर, तय रकम फिर से एफडी के लिए रिन्यू हो जाती है। ऐसा होने से कई बार नुकसान भी होता है। खास तौर से जब ब्याज दरों में बढ़ोतरी हो रही है। तो ज्यादा ब्याज पाने का मौका छूट सकता है।

ऐसा इसलिए हैं कि बैंक इस समय न केवल ब्याज दरें बढ़ा रहे हैं बल्कि एक -दो दिन का अंतर पर ज्यादा ब्याज भी दे रहे हैं। ऐसे में आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है। उदारण के तौर पर कई बार बैंक 700 दिन के ब्याज पर ज्यादा ब्याज देते हैं। जबकि दो साल यानी 730 दिन के ब्याज पर कम ब्याज देते हैं। ऐसे में अगर ऑटो रिन्यूअल का विकल्प नहीं है तो एफडी मेच्योर होने पर ज्यादा ब्याज का लाभ ले सकते हैं।

इस समय क्या करें

अगर आप एफडी निवेश के जरिए ज्यादा इनकम चाहते हैं तो निवेश के परंपरागत तरीके को छोड़ना होगा। मसलन निवेश के पहले कई बैंकों से ब्याज दरों की तुलना करें। केवल एक बैंक की ब्याज दरों पर निर्भर नही रहें।

ज्यादा ब्याज के चक्कर में एफडी ब्रेक कर नए एफडी कराने से पहले बैंक की पेनॉल्टी चेक करें। क्योंकि कई बैंक एफडी समय से पहले ब्रेक करने पर पेनॉल्टी लेते हैं। ऐसे में यह घाटे का सौदा हो सकता है।

बैंकों की स्कीम को ध्यान से देखें, क्योंकि एक दिन के अंतर पर आप ज्यादा ब्याज लेने का मौका गंवा सकते हैं।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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