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कृषि से जुड़े बजट प्रस्तावों पर किसान संगठनों ने क्या दी प्रतिक्रिया?

Agriculture Budget 2026 : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में कृषि बजट 2026 पेश किया। इस बजट में किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए कई नए प्रावधान किए गए हैं। किसान संघों और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही। कुछ ने इसे सकारात्मक माना, जबकि कुछ ने महत्वपूर्ण पहलुओं की कमी और आवश्यक सुधारों पर ध्यान दिलाया।

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कृषि बजट 2026: किसानों की मिली-जुली प्रतिक्रिया (तस्वीर-istock)

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Agriculture Budget 2026 : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में संसद में कृषि बजट 2026 पेश किया। इस बजट में किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए कई नए प्रावधान किए गए हैं। किसान संघों और विशेषज्ञों ने इस बजट पर अपनी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें मिली-जुली भावनाएँ देखने को मिल रही हैं। कुछ ने इसे सकारात्मक माना, तो कुछ ने आवश्यक पहलुओं की कमी की ओर ध्यान आकर्षित किया।

गरीब और युवा किसानों के लिए बजट

आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बजट में गरीब और युवा किसानों के लिए किए गए प्रावधान स्वागत योग्य हैं। उन्होंने विशेष रूप से “लखपति दीदी योजना” का उल्लेख किया, जो 15 अगस्त 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई थी। यह योजना ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें कम से कम 1 लाख रुपए की वार्षिक घरेलू आय अर्जित करने में मदद करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।

चौहान ने कहा कि ये प्रावधान विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इनके जरिए सरकार गरीबी को कम करने, किसानों की आय बढ़ाने और गांवों के समग्र विकास में सफलता प्राप्त करने का लक्ष्य रखती है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि बजट के माध्यम से कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और अवसर बढ़ेंगे, जिससे समाज के कमजोर वर्ग को फायदा होगा।

प्रमुख कृषि और पशुपालन पहलें

कृषि क्षेत्र में बजट ने कई नए प्रस्ताव रखे हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े किसान संगठन भारतीय किसान संघ (बीकेएस) ने कुछ पहल को सकारात्मक बताया। इनमें शामिल हैं: 500 अमृत सरोवरों का निर्माण: यह पहल जल संरक्षण और ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्तर बढ़ाने के लिए है। तटीय क्षेत्रों में मत्स्य पालन को मजबूत करना: बजट में प्रस्ताव है कि जलाशयों का विकास किया जाएगा और महिला नेतृत्व वाले समूह, स्टार्टअप और मछली किसान उत्पादक संगठनों को बाजार से जोड़ने के लिए सहयोग दिया जाएगा। पशुपालन क्षेत्र में उद्यमिता को बढ़ावा: बजट में ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण रोजगार देने पर जोर दिया गया है। इन प्रस्तावों के जरिए किसानों और ग्रामीण युवाओं को नए अवसर मिलने की उम्मीद जताई गई है।

आलोचनात्मक दृष्टिकोण

हालांकि, बीकेएस के महासचिव मोहिनी मोहन मिश्रा ने बजट पर आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि बजट में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और रसायनों के उपयोग को रोकने के लिए जरूरी कदम शामिल नहीं किए गए हैं। मिश्रा के अनुसार, देशभर में फसलों में रसायनों के स्तर की जांच पर ध्यान नहीं दिया गया है। उनका कहना है कि सरकार जो बातें करती है, वे अक्सर बजट में पूरी तरह प्रतिबिंबित नहीं होती हैं।

समग्र दृष्टिकोण

कुल मिलाकर, कृषि बजट 2026 को लेकर किसानों और संबंधित संगठनों की प्रतिक्रिया मिश्रित रही। कुछ पहलें जैसे लखपति दीदी योजना, अमृत सरोवर, मत्स्य पालन और पशुपालन में रोजगार के अवसर को काफी सकारात्मक माना गया। वहीं, प्राकृतिक खेती और रसायनों के नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपेक्षाएं पूरी नहीं हुईं। विशेषज्ञों का मानना है कि बजट में किए गए प्रावधानों का सही क्रियान्वयन ही किसानों और ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने और गांवों के समग्र विकास के लिए निर्णायक होगा। बजट की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि क्या सरकार अपने द्वारा घोषित योजनाओं को वास्तविक जमीन पर लागू कर पाती है और किसानों तक लाभ पहुँचा पाती है।

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रामानुज सिंह
रामानुज सिंह author

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल ... और देखें

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