India Oil Reserve: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच सोशल मीडिया पर भ्रामक और फर्जी दावों की बाढ़ आई हुई है। ऐसा ही एक दावा वायरल हो रहा है कि ‘भारत के पास सिर्फ 9 दिन का तेल बचा है।’ सरकार ने इसका खंडन किया है। PIB ने इसे लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा है कि यह दावा पूरी तरह भ्रामक है और देश में पेट्रोल, डीजल और LPG की सप्लाई पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। भारत के पास करीब 60 दिनों का सुरक्षित फ्यूल स्टॉक मौजूद है, जिससे किसी भी तरह की कमी की आशंका नहीं है।
रिजर्व पर भ्रम, असली आंकड़े क्या कहते हैं
सरकार की तरफ से जारी आंकाड़ों के मुताबिक भारत की कुल तेल भंडारण क्षमता 74 दिनों की है, जबकि मौजूदा समय में करीब 60 दिनों का स्टॉक उपलब्ध है। इसमें क्रूड ऑयल, पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स और रणनीतिक भंडार शामिल हैं। यानी देश के पास लगभग दो महीने की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित है। ऐसे में 9 दिन वाला दावा न सिर्फ गलत है बल्कि तथ्यों से पूरी तरह दूर है।
सप्लाई चेन मजबूत, कहीं कोई कमी नहीं
पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देशभर में एक लाख से अधिक पेट्रोल पंप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और कहीं भी ईंधन की कमी या राशनिंग नहीं की जा रही। रिफाइनरियां पूरी क्षमता से उत्पादन कर रही हैं और मांग को पूरा करने के लिए अतिरिक्त कदम भी उठाए गए हैं। कुछ जगहों पर जो लाइनें देखी गईं, वे केवल अफवाहों के कारण हुई पैनिक बाइंग का परिणाम थीं।
ग्लोबल संकट के बीच भारत की रणनीति
हॉर्मुज स्ट्रेट से जुड़े वैश्विक तनाव के बावजूद भारत ने अपनी सप्लाई को कई देशों में फैलाकर जोखिम कम किया है। देश 41 से अधिक स्रोतों से क्रूड ऑयल आयात कर रहा है और आने वाले 60 दिनों की सप्लाई पहले से सुनिश्चित की जा चुकी है। इससे साफ है कि वैश्विक अस्थिरता का असर घरेलू उपलब्धता पर नहीं पड़ रहा।
LPG और गैस सप्लाई पर भी स्थिति साफ
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि LPG की कोई कमी नहीं है। घरेलू उत्पादन बढ़ाया गया है और आयात की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित है। रोजाना लाखों सिलेंडर की डिलीवरी जारी है। PNG को बढ़ावा देना किसी संकट का संकेत नहीं बल्कि दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति का हिस्सा है।
फेक न्यूज पर सरकार की सख्त चेतावनी
सरकार ने कहा है कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही ऐसी भ्रामक जानकारियां जानबूझकर डर फैलाने की कोशिश हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें और अफवाहों से बचें। आवश्यक वस्तुओं को लेकर गलत जानकारी फैलाना कानूनन अपराध भी है।
घबराने की जरूरत नहीं
स्पष्ट है कि भारत की ऊर्जा आपूर्ति स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। मजबूत रिजर्व, विविध सप्लाई नेटवर्क और सक्रिय सरकारी प्रबंधन के चलते किसी भी तरह की तत्काल ईंधन संकट की संभावना नहीं है। ‘सिर्फ 9 दिन का तेल’ वाला दावा पूरी तरह निराधार और भ्रामक है।
