No Special Policy For Tesla: सरकार की अमेरिका की इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी टेस्ला (Tesla), जिसके सीईओ दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क (Elon Musk) हैं, को इंसेंटिव्स देने के लिए कोई अलग पॉलिसी लाने की योजना नहीं है। टेस्ला व्हीकल या एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल (ACC) के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) स्कीम के तहत सपोर्ट के लिए आवेदन कर सकती है।
सरकार पहले ही 18,100 करोड़ रुपये के खर्च के साथ एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल बैटरी स्टोरेज के लिए पीएलआई योजना पेश कर चुकी है। इसके अलावा ऑटो, ऑटो कम्पोनेंट्स और ड्रोन इंडस्ट्री के लिए 26,058 करोड़ रुपये की पीएलआई योजना लाई गई है।
एक कंपनी के लिए पॉलिसी नहीं
सरकार ने टेस्ला से कहा है कि जो पॉलिसियां सभी के लिए पहले से हैं, वे भी उनके तहत आवेदन कर सकती है। टेस्ला का स्वागत है। आमतौर पर पॉलिसियां सभी के लिए समान हैं। एक कंपनी के लिए सरकार अलग पॉलिसी नहीं बना सकती। ऐसे में टेस्ला को स्पेशल ट्रीटमेंट देने की कोई योजना नहीं है।
टेस्ला के सप्लायर्स ने की मुलाकात
टेस्ला को बैटरी की सप्लाई करने वाली सबसे बड़ी सप्लायर पैनासोनिक (Panasonic) के प्रतिनिधि सरकारी अधिकारियों से मिले हैं। कंपनी ने कहा कि वे बैटरी बनाना चाहते हैं। उन्हें भी पीएलआई एसीसी बैटरी के तहत आवेदन करने का सुझाव दिया गया है।
क्या थी टेस्ला की मांग
सरकार ने पिछले हफ्ते 20 जीडब्ल्यूएच की आधुनिक केमिस्ट्री सेल मैन्युफैक्चरिंग की पीएलआई योजना के तहत नए सिरे से बोलियां मांगी हैं। अमेरिका की इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला ने 2021 में भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों पर आयात शुल्क में कटौती की मांग की थी।
दरअसल अभी कंप्लीटली बिल्ट यूनिट्स (सीबीयू) के रूप में आयातित कारों पर इंजन, साइज और लागत, बीमा और ढुलाई (सीआईएफ) वैल्यू के आधार पर 60 से 100 प्रतिशत का सीमा शुल्क लगता है।
मस्क-पीएम मोदी की मुलाकात
दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला के चीफ एलन मस्क ने पिछले महीने न्यूयॉर्क में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की थी। प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद मस्क ने कहा था उनकी 2024 में भारत आने की योजना है।
