बिजनेस

ED की रेड पड़ी तो छोड़ कर भाग गए फरारी, बेंटले जैसी 17 लग्जरी कारें, जानें कौन हैं बंसल ब्रदर्स

ED Raid On IREO And M3M: एम3एम की वेबसाइट के अनुसार ये खुद को उत्तर भारत का नंबर 1 डेवलपर बताती है। वहीं इसने पूरे इंडिया में खुद को दूसरे नंबर का डेवलपर बताया है। कई बड़े ब्रांड्स के साथ इसका टाई-अप है, जिनमें एक्सिस बैंक (Axis Bank) और एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) भी शामिल हैं।

Image

प्रतीकात्मक तस्वीर

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • ईडी ने की आईआरईओ और एम3एम के खिलाफ कार्रवाई
  • फेरारी, बेंटले जैसी 17 कारें जब्त
  • जांच से बचने के लिए भाग कंपनियों के मालिक

ED Raid On IREO And M3M: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपने सर्च ऑपरेशन मे दो रियल एस्टेट दिग्गज कंपनियों से फरारी (Ferrari), लेम्बोर्गिनी (Lamborghini), रोल्स रॉयस (Rolls Royce), मर्सिडीज-बेंज (Mercedes-Benz), बेंटले (Bentley) और लैंड रोवर (Land Rover) जैसी कारों समेत 60 करोड़ रुपये की लग्जरी कारों को जब्त किया है। इन कंपनियों में IREO और M3M शामिल हैं। बता दें कि ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में रियल एस्टेट ग्रुप के खिलाफ सर्च ऑपरेशन चला रहा है।

मालिक हो गए फरार

ईटी रियल्टी की रिपोर्ट के अनुसार ईडी ने आरोप लगाया कि एम3एम ग्रुप के मालिक, कंट्रोलर और प्रमोटर बसंत बंसल, रूप कुमार बंसल, पंकज बंसल और अन्य मुख्य लोग रेड के दौरान जांच से बचते रहे। ईडी पिछले कुछ सालों से IREO ग्रुप की जांच कर रही है। इसने ग्रुप पर निवेशकों और ग्राहकों के फंड को डायवर्ट और फ्रॉड करने के आरोप लगाए हैं।

बाद में ईडी को पता लगा कि M3M ग्रुप के जरिए भी सैकड़ों करोड़ रुपये की की हेराफेरी की गई।

एम3एम खुद को इस मामले में बताती है नंबर 1

एम3एम की वेबसाइट के अनुसार ये खुद को उत्तर भारत का नंबर 1 डेवलपर बताती है। वहीं इसने पूरे इंडिया में खुद को दूसरे नंबर का डेवलपर बताया है। कई बड़े ब्रांड्स के साथ इसका टाई-अप है, जिनमें एक्सिस बैंक (Axis Bank) और एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) भी शामिल हैं।

IREO का मालिक कौन है

IREO ग्रुप के मालिक ललित गोयल हैं। इसकी वेबसाइट के अनुसार रियल एस्टेट सेक्टर में इसके पास 15 सालों से ज्यादा का अनुभव है। कंपनी का बेस गुरुग्राम है। इस ग्रुप का विवादों से पुराना नाता रहा है। दरअसल पिछले साल ईडी ने अपनी चार्जशीट में आरोप लगाया था ललित गोयल 1,225 करोड़ रुपये के फंड को डायवर्ट करने और 1,050 से अधिक निवेशकों को धोखा देने में शामिल हैं।

इसके जिन प्रोजेक्ट्स में लोगों को ठगे जाने का आरोप लगा था उनमें आईआरईओ फाइवरिवर, द कॉरिडोर, आईआरईओ सिटी और पंजाब में आईआरईओ वाटरफ्रंट शामिल हैं।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

और पढ़ें
End of Article