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ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में लोग सबसे ज्यादा कहां गलती करते हैं?

अगर आप भी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का प्लान कर रहे हैं तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है। दरअसल, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाते वक़्त लोग अक्सर कुछ गलतियां कर बैठते हैं जिसकी वजह से आपका लाइसेंस रिजेक्ट हो सकता है।

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Driving Licence

ड्राइविंग लाइसेंस (Driving Licence) गाड़ी चलाने के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज है, जो न केवल आपको सड़क पर वाहन चलाने की आजादी देता है बल्कि एक मजबूत पहचान पत्र के रूप में भी काम करता है। लेकिन इसे बनवाने की प्रक्रिया से गुजरते समय ज्यादातर लोग अनजाने में कई ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में सबसे ज्यादा गलती कहां गलती करते हैं लोग? अगर नहीं तो आइए आपको बताते हैं।

सबसे ज्यादा गलती कहां होती है?

आरटीओ के आंकड़ों और विशेषज्ञों के मुताबिक, लाइसेंस की प्रक्रिया में लोग सबसे ज्यादा गलती आवेदन फॉर्म भरते समय और ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर गाड़ी चलाते समय करते हैं। आजकल ज्यादातर शहरों में आधुनिक और कंप्यूटरीकृत टेस्ट ट्रैक (Automated Test Tracks) का इस्तेमाल किया जा रहा है, जहां इंसानी दखल कम और कैमरों व सेंसर की नजर ज्यादा होती है। ऐसे में एक छोटी सी चूक भी आपको टेस्ट में फेल कर सकती है।

1. कागजात और फॉर्म भरने में गलती

स्पेलिंग और जानकारी: ऑनलाइन फॉर्म भरते समय नाम की स्पेलिंग, जन्मतिथि (Date of Birth) या पते (Address) में थोड़ी सी भी गलती होने पर फॉर्म तुरंत रिजेक्ट हो जाता है।

गलत केटेगरी चुनना: लोग अक्सर गाड़ी की सही श्रेणी (जैसे गियर वाली बाइक, बिना गियर वाली स्कूटी या कार) चुनने में गलती कर देते हैं।

गलत फॉर्मेट में डॉक्यूमेंट: मेडिकल सर्टिफिकेट या जरूरी पहचान पत्र सही तरीके और सही फॉर्मेट में अपलोड नहीं किए जाते, जिससे टेस्ट का स्लॉट बुक होने में देरी होती है। इसलिए फॉर्म भरने से पहले सभी कागजातों का सही और वैध होना जरूरी है।

2. प्रैक्टिकल ड्राइविंग टेस्ट में फेल होना

कठिन ट्रैक: टेस्ट के दौरान सेंसर वाले ट्रैक पर गाड़ी से '8' (Eight) का आकार बनाना, 'H' ट्रैक पर गाड़ी को रिवर्स (पीछे) करना और चढ़ाई पर बिना पीछे लुढ़के गाड़ी को आगे बढ़ाना सबसे मुश्किल होता है।

सेंसर की सख्ती: अगर गाड़ी का पहिया जरा सा भी ट्रैक की पीली या सफेद सीमा रेखा (बाउंड्री) को छू जाता है, तो कंप्यूटर सिस्टम आपको तुरंत फेल कर देता है।

बुनियादी नियम भूलना: लोग घबराहट या बिना तैयारी के जाने के कारण टर्न लेते समय इंडिकेटर देना भूल जाते हैं, सीट बेल्ट नहीं लगाते, या हेलमेट की पट्टी (स्ट्रैप) खुली छोड़ देते हैं।

3. ट्रैक के नियमों और ट्रैफिक संकेतों की अनदेखी

स्टॉप साइन: ट्रैक पर बने 'STOP' के बोर्ड पर गाड़ी को पूरी तरह रोकना जरूरी होता है, भले ही आगे कोई रास्ता खाली हो। लोग अक्सर इसे नजरअंदाज कर देते हैं।

शीशों का इस्तेमाल न करना: गाड़ी को पीछे (रिवर्स) करते समय रियर-व्यू मिरर (साइड के शीशों) का सही से इस्तेमाल न करना भी फेल होने का एक बड़ा कारण है।

इंजन बंद होना: टेस्ट के दौरान घबराहट में बार-बार गाड़ी का इंजन बंद हो जाना भी आपको रेस से बाहर कर देता है।

पहली बार में पास होने के लिए काम के टिप्स

  • आवेदन करने से पहले अपने सभी जरूरी दस्तावेज जैसे पैन कार्ड, वोटर आईडी या एड्रेस प्रूफ को अच्छी तरह री-चेक कर लें।
  • टेस्ट देने जाने से पहले किसी खाली मैदान या ड्राइविंग स्कूल में '8' और 'H' के आकार में गाड़ी चलाने का अच्छा अभ्यास कर लें।
  • टेस्ट के समय बिल्कुल शांत रहें। सीट बेल्ट पहनना, हेलमेट लगाना, इंडिकेटर देना और ट्रैक पर लगे ट्रैफिक सिग्नलों का पालन करना न भूलें।
Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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