Diwali Muhurat Trading 2025: दिवाली पर वैसे तो शेयर बाजार की छुट्टी रहती है, लेकिन हर साल दिवाली पर शेयर बाजार 1 घंटे के लिए खुलता है। इस साल भी दिवाली के मौके पर शेयर बाजार एक घंटे के लिए खुलेगा इस दिन आम दिनों की तरह ही ट्रेडिंग होगी और इसे मुहूर्त ट्रेडिंग कहते हैं। अगर आप भी शेयर बाजार से कमाई करते हैं तो ऐसे में ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है। ऐसा इसलिए भी क्योंकि दिवाली से पहले बाजार 3 दिन बंद रहेगा और चौथे दिन यानी मंगलवार को शेयर बाजार सिर्फ एक घंटे के लिए खुलेगा।
वैसे तो आमतौर पर मुहूर्त ट्रेडिंग शाम के समय होती है लेकिन इस बार इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि मुहूर्त ट्रेडिंग शाम की बजाए दोपहर को होगी। आइए आपको बताते हैं कब और कितने बजे आपको मुहूर्त ट्रेंडिंग में कमाई का मौका मिलने वाला है?
इतिहास में पहली बार होगा ऐसा
शेयर बाजार में इस बार मुहूर्त ट्रेडिंग में ऐतिहासिक बदलाव किया गया है। दशकों के बाद, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में यह सत्र अब शाम के बजाय दोपहर में आयोजित होगा। ‘मुहूर्त’ का मतलब है शुभ समय। यह ट्रेडिंग दिवाली के दिन होती है और इसे नए वित्तीय वर्ष की शुभ शुरुआत माना जाता है। निवेशक इस सत्र में नए साल का पहला सौदा करते हैं। ये सौदे पूरी तरह वास्तविक होते हैं और सामान्य निपटान नियमों के तहत होते हैं, लेकिन अधिकांश लोग इसे अल्पकालिक मुनाफे के बजाय समृद्धि और खुशहाली का शुभ संकेत मानते हैं।
कब होगी मुहूर्त ट्रेडिंग?
इस साल यह सत्र मंगलवार, 21 अक्टूबर 2025 को होगा। प्री-ओपन सत्र दोपहर 1:30 बजे से 1:45 बजे तक, मुख्य ट्रेडिंग सत्र दोपहर 1:45 बजे से 2:45 बजे तक और समापन सत्र दोपहर 3:05 बजे तक आयोजित होगा। यह समय पिछले दशकों की शाम 6 बजे के बाद शुरू होने वाली परंपरा से बिल्कुल अलग है और इस ट्रेडिंग सत्र के इतिहास में बड़ा बदलाव है।
क्या है कारण?
मुहूर्त ट्रेडिंग दोपहर में शिफ्ट करने के पीछे कई कारण हैं। इसके तहत नए क्लियरिंग और निपटान सिस्टम के साथ बेहतर तालमेल बनाया जा सकेगा, बाजार प्रणालियों पर दबाव कम होगा और शाम को पारिवारिक अनुष्ठानों में व्यस्त निवेशकों के लिए सुविधा रहेगी। साथ ही, यूरोप और मध्य पूर्व जैसे क्षेत्रों के कामकाजी घंटों के साथ तालमेल होने से अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की भागीदारी बढ़ सकती है।
क्या है एक्सपर्ट्स की राय?
निवेशकों को इस नए समय के अनुसार तैयार रहना चाहिए। अपने डीमैट और ट्रेडिंग खाते पहले से सक्रिय रखें, दोपहर के सत्र के अनुसार रणनीति बनाएं, मजबूत फंडामेंटल और उच्च तरलता वाले बड़े और ब्लू-चिप शेयर चुनें और लिमिट ऑर्डर का इस्तेमाल करें। ओवर-ट्रेडिंग या सट्टेबाजी से बचना निवेशकों के लिए बेहतर रहेगा।
मुहूर्त ट्रेडिंग सिर्फ एक वित्तीय सत्र नहीं है, बल्कि यह भारतीय सांस्कृतिक आस्था और बाजार की परंपरा का मेल भी है। इस दौरान ट्रेडर्स अपने खातों की पूजा करते हैं, जिसे ‘चोपड़ा पूजन’ कहा जाता है। यह अनुष्ठान नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत में सफलता, समृद्धि और शुभकामनाओं का प्रतीक माना जाता है।
