बिजनेस

Millets Price: मिलेट्स की बढ़ी डिमांड लेकिन उत्पादन घटा, कीमतों में जबरदस्त इजाफा

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Apr 22, 2024, 05:07 PM IST

Millets Price: हेल्दी फूड के नाम से मशहूर मिलेट्स की कीमतों में जबरदस्त इजाफा हो गया है क्योंकि उत्पादन घट गया है जबकि डिमांड बढ़ गई है। पिछले छह वर्षों में यह बढ़ोतरी दूसरी सबसे बड़ी बढ़ोतरी है।

Image

मिलेट्स की कीमतों उछाल (तस्वीर-Canva)

Millets Price: आप सभी जानते हैं मिलेट्स हेल्दी फूड में आता है। मोदी सरकार ने इसको बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। जिसकी वजह से लोगों में जागरूकता बढ़ी है। दिन प्रति दिन डिमांड में तेजी आ गई है। हाई डिमांड और उत्पादन में गिरावट की वजह मिलेट्स की कीमतों बढ़ोतरी हो गई है। रागी पोडक्ट्स कीमतों में 16.6% वृद्धि हो गई है। छह वर्षों में यह बढ़ोतरी दूसरी सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। फरवरी में सबसे ज्यादा 16.7% वृद्धि हुई थी।

डिमांड के चलते बढ़ी कीमतें

इकोनॉमिक्स टाइम्स के मुतबाकि बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा कि मिलेट उत्पादन स्थिर रहा है लेकिन कई फूड इंडस्ट्री द्वारा इनका उपयोग करने के कारण हाई डिमांड के चलते कीमतें बढ़ी हैं। सरकार के दबाव के बावजूद रागी का रकबा 2022-23 में 1.16 मिलियन हेक्टेयर था। जो घटकर 2023-24 में 1.04 मिलियन हेक्टेयर रह गया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इससे उत्पादन 2022-23 में 1.69 मिलियन टन से घटकर 2023-24 में 1.39 मिलियन टन रह गया। रागी की महंगाई पिछले सात महीनों से दोहरे अंकों में बढ़ गई है और जनवरी से इसमें और तेजी आई है।

ज्वार भी कोई अपवाद नहीं है। हालांकि पिछले महीने के 12.7% की तुलना में मार्च में घटकर 10% हो गया लेकिन दिसंबर 2022 से कमोडिटी में दोहरे अंक में वृद्धि का अनुभव हुआ है। ज्वार के लिए खेती का क्षेत्रफल और उत्पादन दोनों में मामूली वृद्धि हुई। 2023-24 में उत्पादन पिछले वर्ष के 3.81 मिलियन टन के मुकाबले 4.03 मिलियन टन था। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक रकबा 3.54 मिलियन हेक्टेयर से बढ़कर 3.65 मिलियन हेक्टेयर हो गया है।

डिमांड इतनी बढ़ी कि कम हो गई आपूर्ति

ईटी के मुताबिक फेडरेशन ऑफ स्वीट्स एंड नमकीन मैन्युफैक्चरर्स (एफएसएनएम) के निदेशक फिरोज एच नकवी ने कहा कि स्नैक्स और मिठाई दोनों में मिलेट्स की खपत बढ़ रही है और इससे कीमतें बढ़ रही हैं।उन्होंने कहा कि मिलेट्स को बढ़ावा देने की सरकार की पहल के बाद डिमांड इतनी बढ़ गई है कि देश में इसकी आपूर्ति कम हो गई है।

बढ़ी मिलेट्स की लोकप्रियता

हेल्दी स्नेक्स पर ध्यान केंद्रित करने वाले फूड बेस्ड स्टार्टअप के अलावा, आईटीसी, टाटा और नेस्ले जैसी कई बड़ी, पैकेज्ड-फूड कंपनियां, मिलेट्स के बढ़ते बाजार का दोहन कर रही हैं और मोटे अनाज की अपनी प्रोडक्ट रेंज का विस्तार कर रही हैं। हेल्थ और वेलनेस एक सर्वोच्च जीवनशैली बनने के साथ मिलेट्स जैसे रागी, ज्वार, बाजरा, कोदो मिलेट, फॉक्सटेल मिलेट, बकव्ह्वीट मिलेट, ऐमारैंथ, आदि) जैसे स्वदेसी पोषण वाले अनाज ने लोकप्रियता हासिल की है। पिछले साल अपने बजट में वित्त मंत्री ने मिलेट्स को लोकप्रिय बनाने और इसकी खपत बढ़ाने के लिए श्री अन्ना योजना की घोषणा की थी। संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मिलेट्स ईयर भी घोषित किया था।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article