Delhi Wholesale Fruit and Vegetable Market: दिल्ली सरकार ने उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के टिकरी खामपुर इलाके में फलों और सब्जियों के लिए एक नया आधुनिक थोक बाजार बनाने की योजना बनाई है। यह बाजार लगभग 70 एकड़ जमीन पर बनाया जाएगा। सरकार इस परियोजना को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत विकसित करेगी, यानी इसमें सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों की भागीदारी होगी। अधिकारियों के अनुसार, यह बाजार आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा और दिल्ली की मौजूदा मंडी व्यवस्था पर पड़ रहे दबाव को कम करने में मदद करेगा।
आजादपुर मंडी पर बढ़ता दबाव
फिलहाल दिल्ली में फलों और सब्जियों का सबसे बड़ा थोक बाजार आजादपुर मंडी है, जिसे एशिया की सबसे बड़ी फल-सब्जी मंडी भी माना जाता है। यह मंडी करीब 76 एकड़ जमीन पर फैली हुई है और इसे कृषि उत्पाद विपणन समिति (APMC) चलाती है। समय के साथ दिल्ली की आबादी तेजी से बढ़ी है और इसके साथ ही फल-सब्जियों के व्यापार में भी काफी वृद्धि हुई है। आजादपुर मंडी में हर दिन बड़ी संख्या में व्यापारी, मजदूर और ग्राहक आते हैं। इसके अलावा, उत्तर भारत के कई राज्यों से भारी संख्या में मालवाहक ट्रक फल और सब्जियां लेकर यहां पहुंचते हैं। इस कारण मंडी में अत्यधिक भीड़, ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था की स्थिति बन जाती है।
नई मंडी की आवश्यकता
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा हालात को देखते हुए दिल्ली को एक नए और आधुनिक थोक बाजार की सख्त जरूरत है। नई मंडी बनने से आजादपुर मंडी पर बोझ कम होगा और व्यापार को बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए दिल्ली कृषि विपणन बोर्ड (DAMB) ने जीटी करनाल रोड पर टिकरी खामपुर में लगभग 70.62 एकड़ जमीन खरीदी है। इस जगह पर प्रस्तावित थोक फल और सब्जी बाजार विकसित किया जाएगा।
परामर्शदाता की भूमिका
इस परियोजना को सही दिशा में आगे बढ़ाने के लिए DAMB ने एक परामर्शदाता (कंसल्टेंट) की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। निविदा दस्तावेज के अनुसार, यह परामर्शदाता परियोजना की पूरी योजना तैयार करने में मदद करेगा। परामर्शदाता का काम होगा, बाजार की मांग और संभावनाओं का अध्ययन करना, व्यापार की पद्धति और ढांचे को तय करना, वित्तीय मॉडल तैयार करना, राजस्व कैसे पैदा होगा, इसका आकलन करना, निवेश और लाभ के बीच संतुलन तय करना, यानी परियोजना की अवधारणा से लेकर व्यावहारिक क्रियान्वयन तक की पूरी जिम्मेदारी परामर्शदाता की सलाह पर आधारित होगी।
सरकार पर नहीं पड़ेगा वित्तीय बोझ
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस परियोजना का मॉडल ऐसा तैयार किया जाएगा जिससे दिल्ली सरकार या DAMB पर कोई सीधा वित्तीय बोझ नहीं पड़े। पूरा विकास कार्य सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत होगा। निजी कंपनियां निवेश करेंगी और बदले में उन्हें व्यापार से होने वाले लाभ का हिस्सा मिलेगा। DAMB की जिम्मेदारी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कृषि उत्पादों के विपणन को नियंत्रित करना और आवश्यक बाजार ढांचा उपलब्ध कराना है।
लंबे समय से लंबित परियोजना
टिकरी खामपुर में थोक फल-सब्जी बाजार का विकास दिल्ली सरकार की एक लंबे समय से लंबित परियोजना रही है। पिछले कई वर्षों में विभिन्न कारणों से इसमें देरी होती रही। अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली में नई सरकार के गठन के बाद इस परियोजना को दोबारा प्राथमिकता दी गई है। अब परामर्शदाता की नियुक्ति के साथ यह उम्मीद जताई जा रही है कि यह बाजार जल्द ही आकार लेगा और आखिरकार जनता व व्यापारियों के लिए शुरू हो सकेगा।
भविष्य की उम्मीद
नई मंडी के शुरू होने से दिल्ली में फल और सब्जियों की सप्लाई व्यवस्था बेहतर होगी। आधुनिक तकनीक, बेहतर भंडारण और सुव्यवस्थित परिवहन के कारण किसानों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं तीनों को फायदा मिलने की उम्मीद है। साथ ही, आजादपुर मंडी में भीड़ कम होगी और राजधानी में कृषि विपणन का ढांचा और मजबूत बनेगा।
