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Why Stock Market Down Today: सेंसेक्स 700 अंक लुढ़का, आज शेयर बाजार में क्यों है गिरावट

भारतीय शेयर बाजार में हल्की गिरावट देखी गई, जहां सेंसेक्स 150 अंक टूटा और निफ्टी 24,700 के नीचे फिसल गया। अदानी पोर्ट्स के शेयरों में 3% की गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह निफ्टी का टॉप लूज़र बन गया। ऑटो, रियल्टी और मेटल सेक्टरों में भी दबाव नजर आया। इस गिरावट के पीछे वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत, डॉलर की मजबूती, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और आम चुनाव के नतीजों को लेकर अनिश्चितता प्रमुख कारण रहे।

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गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार

Photo : iStock

भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को शुरुआती अस्थिरता के बाद दोपहर के सत्र में तेज गिरावट देखने को मिली। बैंकिंग, फाइनेंशियल और आईटी शेयरों में गिरावट के चलते प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी ने अपनी पकड़ खो दी। 1:30 बजे तक, बीएसई सेंसेक्स 740.82 अंक की गिरावट के साथ 80,632.93 पर ट्रेड कर रहा था, जबकि एनएसई निफ्टी 187.65 अंक टूटकर 24,528.95 पर आ गया। सभी निफ्टी सेक्टोरल इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई, जिससे बाजार में वोलैटिलिटी (अस्थिरता) बढ़ गई।

किन स्टॉक्स ने खींचा बाजार को नीचे?

सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग, फाइनेंस और आईटी शेयरों पर देखा गया। इन प्रमुख शेयरों में 1% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।

  • बजाज फिनसर्व
  • एक्सिस बैंक
  • बजाज फाइनेंस
  • एचडीएफसी बैंक
  • आईसीआईसीआई बैंक
  • टीसीएस (TCS)

वहीं, अडानी एंटरप्राइजेज और अडानी पोर्ट्स के शेयरों में भी गिरावट देखी गई। इसका कारण Wall Street Journal की रिपोर्ट है जिसमें अडानी समूह की इकाइयों और ईरानी एलपीजी शिपमेंट्स के बीच संभावित संबंध का दावा किया गया है।

क्यों दिखी बाजार में इतनी अस्थिरता?

आज के ट्रेडिंग सत्र में अस्थिरता के पीछे कई कारण रहे:

1. देश में कोविड-19 मामलों में वृद्धि

2. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक को लेकर बढ़ती उम्मीदें

3. अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनाव और व्यापार से जुड़े जोखिम

विशेषज्ञ की राय

डॉ. वी. के. विजयकुमार, चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट, Geojit Financial Services ने कहा कि “MPC बैठक में 8 जून को रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती की उम्मीद है, जिससे रेट सेंसिटिव सेक्टर्स (जैसे ऑटो, रियल एस्टेट) को आने वाले दिनों में फायदा मिल सकता है।”

उन्होंने आगे कहा कि मौजूदा समय में बाजार कंसॉलिडेशन फेज में है, जिसमें "बाय ऑन डिप्स" की रणनीति कारगर साबित हो रही है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि बाजार में सबसे बड़ी चिंता ब्रॉडर मार्केट की ऊंची वैल्यूएशन है। “हालांकि, रिटेल निवेशकों का लंबी अवधि तक बाजार में बने रहना और फंड फ्लो की मजबूती यह संकेत देती है कि भारतीय इक्विटी बाजार ऊंचे वैल्यूएशन पर लंबे समय तक टिके रह सकते हैं।”

डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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