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7th Pay Commission DA Hike: डीए बढ़कर हुआ 50%, केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की कितनी बढ़ेगी सैलरी? विस्तार से समझें

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Mar 8, 2024, 04:03 PM IST

7th Pay Commission DA hike: केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद कुल डीए बढ़ोतरी 50% हो गई। इस वृद्धि के बाद कर्मचारियों के वेतन और पेंशनभोगियों की पेंशन में किराया भत्ता, दैनिक भत्ता, ग्रेच्युटी समेत अन्य भत्तों में क्या असर पड़ेगा। आइए यहां विस्तार से समझें।

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DA बढ़ा, सैलरी कितनी बढ़ेगी?

Photo : iStock

7th Pay Commission DA hike: केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 4% की बढ़ोतरी की गई। इस हाइक के साथ केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए DA 50% तक पहुंच गया। केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत (DR) भी 4% से बढ़कर 50% हो गई। बढ़ा हुआ DA और DR 1 जनवरी 2024 से प्रभावी किया गया है। इससे करीब 49.18 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारियों और 67.95 लाख केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों को लाभ होगा। महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन का एक कॉम्पोनेंट है। इसलिए जब DA बढ़ेगा तो केंद्र सरकार के कर्मचारियों का टेक-होम वेतन (Take Home Salary) भी बढ़ जाएगा। हाल ही में DA बढ़ोतरी के बाद केंद्र सरकार के कर्मचारियों का वेतन कैसे बढ़ेगा। यहां समझे

4% DA बढ़ोतरी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों के वेतन पर कितना पड़ेगा असर?

आइए एक केंद्र सरकार के कर्मचारी का मामला लें, जिसका प्रति माह 50,000 रुपए का मूल वेतन मिलता है। पहले 46 फीसदी के हिसाब से उनका महंगाई भत्ता 23000 रुपये था। डीए 50 फीसदी बढ़ने से उनका महंगाई भत्ता बढ़कर 25000 रुपए हो जाएगा तो इस हिसाब से पहले के मुकाबले DA बढ़े के बाद उसे 2000 रुपए अधिक मिलेंगे।

DA 50% तक पहुंचने से कितना बढ़ेंगे HRA, दैनिक भत्ता

केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है क्योंकि DA 50% तक पहुंच गया है। 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक डीए 50% तक पहुंचने पर कुछ अन्य भत्ते और वेतन के कॉम्पोनेंट भी बढ़ जाएंगे। इससे केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन में उल्लेखनीय उछाल आएगा। जब केंद्र सरकार महंगाई भत्ते को 50% तक बढ़ाती है तो इससे एचआए जैसे अन्य भत्तों में भी बढ़ोतरी होती है। किराया भत्ता, दैनिक भत्ता, ग्रेच्युटी सीमा और छात्रावास सब्सिडी भी बढ़ती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि ये भत्ते डीए से जुड़े हुए होते है और जब यह बढ़ता है तो वे भी बढ़ते हैं।

DA 50% तक पहुंचा तो ये भत्ते भी बढ़ जाएंगे

  • मकान किराया भत्ता
  • बच्चों की शिक्षा भत्ता
  • बच्चों की देखभाल के लिए विशेष भत्ता
  • छात्रावास सब्सिडी
  • ट्रांसफर पर टीए
  • ग्रेच्युटी सीमा
  • पोशाक भत्ता
  • स्वयं के परिवहन के लिए माइलेज भत्ता
  • दैनिक भत्ता

मान लें कि जब डीए 25% तक पहुंच गया, तो 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के के मुताबिक एचआरए की दरें A, B और C कटैगरी के शहरों में मूल वेतन के 27%, 18% और 9% तक बढ़ गईं। जब डीए 50% तक पहुंच गया तो एचआरए की दरों को A, B और C कटैगरी के शहरों में मूल वेतन के क्रमशः 30%, 20% और 10% तक बढ़ जाएंगी।

DA अब 50% हो गया तो HRA कितना बढ़ेगा

मान लें कि केंद्र सरकार का एक कर्मचारी का मूल वेतन 50,000 रुपए है, वह C कैटेगरी के शहर में रहता है। अब तक उनका HRA 4500 रुपए था। DA 50% तक पहुंचने पर उनका HRA बढ़कर 10% हो जाएगा। तो अब उनका HRA संशोधित होकर 5000 रुपए हो जाएगा। जैसा कि कल्कुलेशन से देख सकते हैं। उनका HRA 500 रुपए बढ़ जाएगा। इसी तरह अन्य कॉम्पोनेंट जैसे कि बच्चे की देखभाल के लिए स्पेशल भत्ता, ग्रेच्युटी सीमा, ड्रेस भत्ता और दैनिक भत्ता भी बढ़ेगा।

DA बढ़ने से केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी कितनी बढ़ेगी?

ऊपर उल्लिखित सेवा, शहर और विशिष्ट नियमों के अनुसार भत्ते भिन्न हो सकते हैं। जिसमें केस-विशिष्ट भत्ते (चाइल्ड एजुकेशन और चाइल्ड केयर) भी शामिल हैं। ये गणनाएं केवल एक अनुमान है। वे कॉम्पोनेंट्स और वेतनमान के आधार पर किसी कर्मचारी से दूसरे कर्मचारी में भिन्न होंगे।

DA बढ़ने से केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों की कितनी बढ़ेगी पेंशन?

DA की तरह केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों के लिए लागू महंगाई राहत में भी 4% की बढ़ोतरी की गई। अब डीआर बढ़ाकर 50% हो गया। केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों के लिए मासिक पेंशन कितनी बढ़ेगी? मान लीजिए कि केंद्र सरकार के पेंशनभोगी को प्रति माह 30,000 रुपए की मूल पेंशन मिलती है। 46% DR पर पेंशनर को 13800 रुपये मिलते थे। अब उनका DA 50% तक बढ़ गया तो उन्हें महंगाई राहत के रूप में हर महीने 15000 रुपए मिलेंगे। तो उनकी पेंशन प्रति माह 1200 रुपए बढ़ जाएगी।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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