CSM Technologies IPO Review By SBI Securities : प्राइमरी मार्केट में कदम रखने जा रही IT/ITeS सॉल्यूशन प्रोवाइडर कंपनी सीएसएम टेक्नोलॉजी का इश्यू आज 24 जून को पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिख खुल गया है। धीरे-धीरे निवेशकों IPO Market में रुचि लेने लगे हैं। अगर आप भी इस कंपनी में निवेश का विचार कर रहे हैं, तो पहले SBI Securities की तरफ से किए गए IPO Review को जरूर चेक कर लें, जिसमें बताया गया है कि कंपनी की खूबियां और खामियां क्या हैं, वित्तीय सेहत कैसी है और ग्रोथ के प्लान क्या हैं। इसके अलावा लिस्टिंग गेन को लेकर GMP क्या इशारा कर रहा है।
IPO की प्रमुख बातें
CSM Technologies IPO 24 जून से 29 जून 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा। कंपनी ने शेयर का प्राइस बैंड ₹107 से ₹113 प्रति शेयर तय किया है। यह पूरी तरह फ्रेश इश्यू है, जिसके जरिये कंपनी करीब ₹146 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। जुटाई गई रकम का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने और कर्ज चुकाने में किया जाएगा। IPO के लिए अलॉटमेंट 30 जून, 2026 को फाइनल होने की उम्मीद है। CSM टेक्नोलॉजीज IPO NSE और BSE पर लिस्ट होगा और लिस्टिंग की संभावित तारीख 2 जुलाई, 2026 तय की गई है।

एक नजर में देखे आईपीओ की अहम डिटेल्स
कंपनी क्या करती है?
CSM Technologies एक डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और ई-गवर्नेंस सॉल्यूशन उपलब्ध कराने वाली कंपनी है। कंपनी स्नैपड्रैगन और पब्लिक वेरिएंट के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म, सॉफ्टवेयर, लेआउट, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, जीआईएस बेस्ड सिस्टम और डेटा एनालिटिक्स सेवाएं उपलब्ध कराती है। कंपनी भारत समेत 14 से ज्यादा देशों में काम कर रही है।
क्या है कंपनी की सबसे बड़ी ताकत?
SBI Securities IPO Note के मुताबिक CSM Technologies की सबसे बड़ी ताकत सरकारी डिजिटल प्रोजेक्ट में उसकी मजबूत मौजूदगी है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी के कुल रेवेन्यू का 74% हिस्सा सरकारी ग्राहकों से आया। कंपनी खनन, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, शासन और व्यापार सुविधा जैसे कई क्षेत्रों में काम करती है, जिससे किसी एक सेक्टर पर निर्भरता कम रहती है। इसके अलावा कंपनी की तकनीकी क्षमता भी मजबूत मानी जा रही है। ऑटोमोबाइल, मशीन लर्निंग, क्लाउड और एनालिटिक्स जैसी उन्नत तकनीकों के साथ कंपनी का दोबारा कारोबार मिलने का रिकॉर्ड भी शानदार है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी के करीब 95% रेवेन्यू रिपीट ग्राहकों से आया था। दिसंबर 2025 तक कंपनी के पास ₹376.4 करोड़ का ऑर्डर बुक भी मौजूद था।
इन्वेस्टर्स किन जोखिमों पर रखें नजर?
SBI सिक्योरिटीज का मानना है कि कंपनी का सबसे बड़ा रिस्क सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स पर उसकी बहुत ज्यादा निर्भरता है। क्लाइंट कंसंट्रेशन, प्रोजेक्ट एग्ज़िक्यूशन और वर्किंग कैपिटल की जरूरतें भी रिस्क पैदा करती हैं। रिपोर्ट में खास तौर पर बढ़ते रिसीवेबल्स को चिंता का विषय बताया गया है। कंपनी के रिसीवेबल डेज FY23 में 58 और FY24 में 55 थे, जो FY25 में बढ़कर 89 हो गए। ब्रोकरेज का अनुमान है कि आने वाले सालों में यह लेवल और बढ़ सकता है, जिससे कैश फ्लो पर दबाव पड़ सकता है।
कैसा है GMP का हाल और क्या है ब्रोकरेज की राय?
ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) के लिहाज से देखें, तो अनलिस्डेट मार्केट में शेयरों की खास डिमांड नहीं है। बुधवार सुबह तक इन्वेस्टरगेन पोर्टल के हिसाब से CSM Technologies IPO GMP 4 रुपये है, जो करीब 3.54% के लिस्टिंग गेन का इशारा करता है। वहीं, SBI सिक्योरिटीज ने इसे न्यूट्रल रेटिंग दी है।
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डिस्क्लेमर: TimesNow Navbharat किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
