Cryptocurrency: भारत में क्रिप्टोकरेंसी के लेन-देन तेजी से बढ़ रहे हैं। वित्त मंत्रालय द्वारा राज्यसभा में साझा किए गए लेटेस्ट आंकड़ों से यह साफ होता है कि फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में क्रिप्टो लेन-देन का कुल मूल्य ₹51,000 करोड़ से अधिक हो गया। यह पिछले वर्ष की तुलना में करीब 41% की बढ़ोतरी दर्शाता है। भारत में क्रिप्टो पर बढ़ती दिलचस्पी और ट्रेडिंग गतिविधि का यह एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।
1% टीडीएस से मिला लेन-देन का अनुमान
द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने 2022 के वित्त अधिनियम के तहत आयकर अधिनियम 1961 में संशोधन करते हुए क्रिप्टो या वर्चुअल डिजिटल एसेट (VDA) के प्रत्येक लेन-देन पर 1% टीडीएस (Tax Deducted at Source) लागू किया था। यह प्रावधान इनकम टैक्स अधिनियम 2025 में भी जारी रखा गया है। वित्त मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, 2024-25 में सरकार ने ₹511.8 करोड़ टीडीएस के रूप में एकत्र किए। चूंकि हर ट्रांजैक्शन पर 1% टीडीएस लगता है, इसलिए कुल लेन-देन की राशि करीब ₹51,180 करोड़ बैठती है। इससे पता चलता है कि भारत में क्रिप्टो ट्रेडिंग लगातार बढ़ रही है।
पिछले दो वर्षों में भी तेज वृद्धि
सरकार ने इससे पिछले दोनों वर्षों के आंकड़े भी शेयर किए। 2022-23 में सरकार ने ₹221.3 करोड़ टीडीएस (TCS) वसूला। इसका मतलब कुल लेन-देन करीब ₹22,130 करोड़ रहा। 2023-24 में सरकार ने ₹362.7 करोड़ टीडीएस (TCS) वसूला। कुल लेन-देन करीब ₹36,270 करोड़ रहा। इन आंकड़ों से साफ है कि हर साल क्रिप्टो लेन-देन बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं और 2024-25 में यह वृद्धि सबसे ज्यादा दर्ज की गई।
क्रिप्टो एक्सचेंजों पर कार्रवाई व अनियमितताओं का पता
वित्त मंत्रालय ने यह भी बताया कि इनकम टैक्स विभाग ने देश में काम करने वाली तीन क्रिप्टो एक्सचेंजों पर सर्वे की कार्रवाई की। इस दौरान बड़ी अनियमितताएं सामने आईं। ₹39.8 करोड़ की टीडीएस (TDS) नियमों का पालन न करने की जानकारी मिली। ₹125.79 करोड़ की अघोषित आय का पता चला। इसके अलावा कई अन्य संस्थाओं पर की गई सर्च और सर्वे कार्रवाई (धारा 132 और 133A) में भी बड़ी मात्रा में गड़बड़ियां पकड़ी गईं। विभाग ने बताया कि इन कार्रवाइयों में ₹888.82 करोड़ की अघोषित आय का पता चला है, जो वर्चुअल डिजिटल एसेट यानी क्रिप्टो लेन-देन से जुड़ी थी।
सरकार का उद्देश्य और प्रभाव
सरकार के अनुसार, क्रिप्टो क्षेत्र में टीडीएस लागू करने का उद्देश्य सभी लेन-देन का रिकॉर्ड रखना, टैक्स चोरी रोकना, क्रिप्टो कारोबार को पारदर्शी बनाना। इन नियमों के बाद सरकार को क्रिप्टो लेन-देन पर अधिक नियंत्रण और जानकारी प्राप्त हो रही है। साथ ही, यह कदम निवेशकों की सुरक्षा और वित्तीय नियमों को मजबूत करने के तौर पर भी देखा जा रहा है।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है, निवेश की सलाह नहीं है, अगर आपको निवेश करना है तो एक्सपर्ट से संपर्क करें।)
