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क्रूड की आग में पिघला बाजार, गिरावट में छिपे कमाई के मौके? एक्सपर्ट ने बताई ये रणनीति

क्रूड ऑयल की तेजी ने शेयर बाजार की चाल बिगाड़ दी है। निफ्टी और सेंसेक्स में तेज उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों की चिंता बढ़ी है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि रणनीति के साथ गिरावट में चुनिंदा सेक्टर में निवेश के मौके तलाशने चाहिए।

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क्या है नीरज दीवान की रणनीति

Photo : Times Now Digital

Stock Market Crash Investment Strategy: पिछले कुछ हफ्तों में क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों को अस्थिर कर दिया है। इसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। भारत ऊर्जा आयात पर काफी निर्भर है, इसलिए क्रूड की कीमतों में बढ़ोतरी का असर महंगाई, कंपनियों की लागत और निवेशकों की धारणा पर पड़ता है। यही वजह है कि हाल के दिनों में बाजार में तेज बिकवाली देखी जा रही है। बहरहाल, गिरावट के इस दौरान कैसे निवेश करें और कहां निवेश करें इसे लेकर इन्वेस्टमेंट व रिसर्च एनालिस्ट नीरज दीवान ने रणनीति बताई है।

गिरावट में धीरे-धीरे खरीदारी

बाजार विशेषज्ञ नीरज दीवान के मुताबिक मौजूदा माहौल में निवेशकों को जल्दबाजी से बचना चाहिए। इस तरह के अस्थिर बाजार में एकमुश्त निवेश करने के बजाय गिरावट पर धीरे-धीरे खरीदारी करना बेहतर रणनीति हो सकती है।

उनका कहना है कि कई अच्छे स्टॉक्स रोजाना गिरते दिख रहे हैं, इसलिए निवेशकों को नकदी का कुछ हिस्सा बचाकर रखना चाहिए और बेहतर स्तर मिलने पर चरणबद्ध तरीके से निवेश करना चाहिए।

इन सेक्टर में बन सकते हैं मौके

क्रूड ऑयल की तेजी का फायदा कुछ एनर्जी कंपनियों को मिल सकता है। ONGC, Coal India और कुछ पावर कंपनियां ऐसे माहौल में निवेशकों की नजर में रह सकती हैं। इसके अलावा बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण डिफेंस सेक्टर में भी दिलचस्पी बढ़ सकती है। रक्षा कंपनियों के शेयरों में शॉर्ट टर्म तेजी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

यहां मिल सकती है स्थिरता

जब बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है तो निवेशक आमतौर पर डिफेंसिव सेक्टर की ओर रुख करते हैं। FMCG और फार्मा ऐसे ही सेक्टर माने जाते हैं जो उतार-चढ़ाव वाले माहौल में अपेक्षाकृत स्थिर प्रदर्शन करते हैं। फार्मा सेक्टर कोविड के बाद से मजबूत बना हुआ है और विशेषज्ञों का मानना है कि गिरावट आने पर इसमें निवेश के मौके बन सकते हैं।

ऑटो शेयरों पर क्रूड का दबाव

क्रूड की कीमतों में उछाल का सीधा असर ऑटो सेक्टर पर पड़ता है, क्योंकि इससे ईंधन लागत और उपभोक्ता मांग पर दबाव पड़ सकता है। हाल के दिनों में कई ऑटो शेयरों में गिरावट भी देखी गई है। हालांकि Mahindra & Mahindra और Eicher Motors जैसी कंपनियां मजबूत फंडामेंटल और EV रणनीति के कारण लंबी अवधि के लिए अच्छी मानी जाती हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशक इनमें बेहतर एंट्री लेवल का इंतजार करें या गिरावट में सीमित मात्रा में निवेश करें।

बैंकिंग में बॉटम अभी साफ नहीं

प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में भी हाल में तेज गिरावट देखी गई है। HDFC Bank और ICICI Bank जैसे बड़े शेयरों में करीब 15-20 फीसदी तक की कमजोरी आई है। विश्लेषकों का कहना है कि लगातार बिकवाली के कारण अभी इन शेयरों का सटीक बॉटम बताना मुश्किल है। ऐसे में निवेशकों को थोड़ा इंतजार करने और बाजार में स्थिरता आने के संकेत देखने की सलाह दी जा रही है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म लंबी कहानी

LPG सप्लाई में संभावित बाधा के कारण रेस्टोरेंट सेक्टर पर दबाव की आशंका जताई गई है, लेकिन फिलहाल फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर ऑर्डर वॉल्यूम में बड़ी गिरावट नहीं दिखी है। विश्लेषकों के मुताबिक Zomato जैसे प्लेटफॉर्म लंबी अवधि में मजबूत ग्रोथ स्टोरी बने रह सकते हैं और बाजार में गिरावट आने पर इनमें धीरे-धीरे निवेश किया जा सकता है।

डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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