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Crude Oil Prices: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी नाकाबंदी का ऐलान, तेल कीमतों में तूफानी उछाल

Crude Oil Prices: अमेरिका द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नाकाबंदी के ऐलान और ईरान से बातचीत विफल होने पर तेल की कीमतें 8% बढ़कर 103 डॉलर पहुंचीं, वैश्विक बाजार में चिंता बढ़ी।

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तेल की कीमतों में बड़ी उछाल (तस्वीर-istock)

Photo : iStock

Crude Oil Prices: सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में अचानक तेज बढ़ोतरी देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स करीब 8% बढ़कर 103 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। पिछले हफ्ते तेल की कीमतों में गिरावट आई थी, लेकिन इस नई खबर के बाद बाजार ने तेजी से रिकवरी कर ली। इससे साफ है कि अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का सीधा असर तेल की कीमतों पर पड़ता है। इस उछाल की मुख्य वजह अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा लिया गया एक बड़ा फैसला है। उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में अमेरिकी नाकाबंदी (blockade) की घोषणा की है। यह दुनिया का एक बेहद महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल का व्यापार होता है। इस रास्ते में किसी भी तरह की रुकावट का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है।

ईरान के साथ बातचीत विफल

यह फैसला उस समय लिया गया जब अमेरिका और ईरान के बीच सप्ताहांत में हुई बातचीत असफल हो गई। दोनों देशों के बीच तनाव पहले से ही बना हुआ था, और बातचीत के टूटने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई। इसी कारण अमेरिका ने सख्त कदम उठाते हुए यह नाकाबंदी लागू करने का निर्णय लिया।

किस पर पड़ेगा असर

नई पाबंदियां खासतौर पर उन जहाजों पर लागू होंगी जो ईरान के बंदरगाहों में प्रवेश कर रहे हैं या वहां से बाहर निकल रहे हैं। यह नियम सोमवार सुबह 10 बजे (ईस्टर्न टाइम) से लागू कर दिया गया है। इसका मतलब है कि ईरान के तेल निर्यात पर असर पड़ेगा, जिससे वैश्विक सप्लाई कम हो सकती है।

दुनिया भर में चिंता

इस घटनाक्रम के बाद दुनिया भर के बाजारों में चिंता बढ़ गई है। तेल की कीमत बढ़ने से पेट्रोल और डीजल महंगे हो सकते हैं, जिसका असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। साथ ही, महंगाई भी बढ़ने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह तनाव और बढ़ता है, तो आने वाले दिनों में कीमतें और ऊपर जा सकती हैं।

आगे क्या होगा

फिलहाल सभी की नजरें अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हैं। अगर दोनों देशों के बीच हालात नहीं सुधरे, तो यह संकट और गहरा सकता है। इससे न सिर्फ तेल बाजार बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी बड़ा असर पड़ सकता है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंह author

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल ... और देखें

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