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96 के पेट्रोल में 35 रुपये टैक्स देते हैं आप,30% घट चुकी है कच्चे तेल की कीमत, फिर भी राहत नहीं

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Mar 17, 2023, 03:15 PM IST

Petrol-Diesel Price and Relation With Crude Oil:साल 2023 में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, कर्नाटक, तेलंगाना जैसे राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसके अलावा 2024 में लोक सभा चुनाव भी होंगे। ऐसे में मोदी सरकार के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती करने का अच्छा मौका है।

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पेट्रोल-डीजल की कीमतें

Photo : BCCL

Petrol-Diesel Price and Relation With Crude Oil:अमेरिका-यूरोप में बढ़ते बैंकिंग संकट और दुनिया भर में मंदी की आशंका ने कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का दौर शुरू कर दिया है। पिछले एक साल में कच्चे तेल की कीमतों में 30 फीसदी की कमी आई है। वहीं अगर ब्रेंट क्रूड की बात करें तो वह 28 फीसदी तक गिर चुका है।

शुक्रवार (17 मार्च 2023) को कच्चा तेल करीब 69 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था। जबकि ब्रेंट क्रूड 75.36 पर ट्रेड कर रहा था। वहीं साल 2020 के आंकड़ों को देखा जाय तो जुलाई के अधिकतम 120 डॉलर के स्तर से कच्चा तेल 45 डॉलर पर आ गया है। ऐसे में इस बात की उम्मीदें बन गई हैं कि इस गिरावट का फायदा मोदी सरकार लोगों को देगी। खास तौर से जब 2023 में राज्यों में विधान सभा चुनाव हैं और 2024 में लोक सभा चुनाव की दस्तक है। वैसे भी सरकार ने मई 2022 के बाद से पेट्रोल-डीजल की कीमतो में कटौती नहीं की है। जबकि मई में वह 110 डॉलर की कीमतों पर कच्चा तेल खरीद रही थी। और अब वह करीब 81 डॉलर प्रति बैरल पर तेल खरीद रही है।

इन राज्यों में होने हैं चुनाव

साल 2023 में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, कर्नाटक, तेलंगाना जैसे राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसके अलावा 2024 में लोक सभा चुनाव भी होंगे। ऐसे में मोदी सरकार के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती करने का अच्छा मौका है। क्योंकि अगर इंडियन बास्केट में अगस्त 2000 से ही 100 डॉलर प्रति बैरल के रेट से कम पर कच्चा तेल खरीद रही है। और मार्च 2023 में यह रेट गिरकर 81.28 अरब डॉलर पर आ गया है।

महीना (2023)इंडियन बास्केट में कच्चे तेल की कीमत (प्रति बैरल)
अक्टूबर91.7 डॉलर
नवंबर87.55 डॉलर
दिसंबर78.10 डॉलर
जनवरी80.92 डॉलर
फरवरी82.28 डॉलर
मार्च81.28 डॉलर
अभी पेट्रोल-डीजल पर इतना टैक्स

जो पेट्रोल-डीजल रिटेल ग्राहकों को मिलता है। उसमें माल-भाड़ा, एक्साइज ड्यूटी,डीलर कमीशन और VAT शामिल होता है। जिसे दिल्ली में बिक्री रहे पेट्रोल की कीमतों से समझा जा सकता है

टैक्स और अन्य मदकीमत (रुपये प्रति लीटर)
बेस प्राइस57.16
माल भाड़ा0.20
एक्साइज ड्यूटी19.90
डीलर कमीशन (औसत)3.75
वैट15.71
रिटेल प्राइस (दिल्ली)96.72
स्रोत: इंडियन ऑयल (16 मार्च 2023)

फरवरी में रिकॉर्ड खपत

पेट्रोलियम मंत्रालाय के पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के रिकॉर्ड के अनुसार फरवरी महीने में भारत में पिछले 24 साल में सबसे अधिक ईंधन की खपत का रिकॉर्ड बना है। इस दौरान पेट्रोल की खपत 8.9 फीसदी बढ़कर 2.8 मिलियन टन हो गई, जबकि डीजल की खपत 7.5 फीसदी बढ़कर 6.98 मिलियन टन हो गई। वहीं जेट ईंधन की बिक्री 43 फीसदी बढ़कर 0.62 मिलियन टन हो गई। हालांकि इस दौरान LPG की बिक्री घटी है। फरवरी में एलपीजी की बिक्री 0.1 फीसदी घटकर 23.9 लाख टन रह गई है।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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