Petrol-Diesel Price and Relation With Crude Oil:अमेरिका-यूरोप में बढ़ते बैंकिंग संकट और दुनिया भर में मंदी की आशंका ने कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का दौर शुरू कर दिया है। पिछले एक साल में कच्चे तेल की कीमतों में 30 फीसदी की कमी आई है। वहीं अगर ब्रेंट क्रूड की बात करें तो वह 28 फीसदी तक गिर चुका है।
शुक्रवार (17 मार्च 2023) को कच्चा तेल करीब 69 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था। जबकि ब्रेंट क्रूड 75.36 पर ट्रेड कर रहा था। वहीं साल 2020 के आंकड़ों को देखा जाय तो जुलाई के अधिकतम 120 डॉलर के स्तर से कच्चा तेल 45 डॉलर पर आ गया है। ऐसे में इस बात की उम्मीदें बन गई हैं कि इस गिरावट का फायदा मोदी सरकार लोगों को देगी। खास तौर से जब 2023 में राज्यों में विधान सभा चुनाव हैं और 2024 में लोक सभा चुनाव की दस्तक है। वैसे भी सरकार ने मई 2022 के बाद से पेट्रोल-डीजल की कीमतो में कटौती नहीं की है। जबकि मई में वह 110 डॉलर की कीमतों पर कच्चा तेल खरीद रही थी। और अब वह करीब 81 डॉलर प्रति बैरल पर तेल खरीद रही है।
इन राज्यों में होने हैं चुनाव
साल 2023 में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, कर्नाटक, तेलंगाना जैसे राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसके अलावा 2024 में लोक सभा चुनाव भी होंगे। ऐसे में मोदी सरकार के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती करने का अच्छा मौका है। क्योंकि अगर इंडियन बास्केट में अगस्त 2000 से ही 100 डॉलर प्रति बैरल के रेट से कम पर कच्चा तेल खरीद रही है। और मार्च 2023 में यह रेट गिरकर 81.28 अरब डॉलर पर आ गया है।
| महीना (2023) | इंडियन बास्केट में कच्चे तेल की कीमत (प्रति बैरल) |
| अक्टूबर | 91.7 डॉलर |
| नवंबर | 87.55 डॉलर |
| दिसंबर | 78.10 डॉलर |
| जनवरी | 80.92 डॉलर |
| फरवरी | 82.28 डॉलर |
| मार्च | 81.28 डॉलर |
जो पेट्रोल-डीजल रिटेल ग्राहकों को मिलता है। उसमें माल-भाड़ा, एक्साइज ड्यूटी,डीलर कमीशन और VAT शामिल होता है। जिसे दिल्ली में बिक्री रहे पेट्रोल की कीमतों से समझा जा सकता है
| टैक्स और अन्य मद | कीमत (रुपये प्रति लीटर) |
| बेस प्राइस | 57.16 |
| माल भाड़ा | 0.20 |
| एक्साइज ड्यूटी | 19.90 |
| डीलर कमीशन (औसत) | 3.75 |
| वैट | 15.71 |
| रिटेल प्राइस (दिल्ली) | 96.72 |
फरवरी में रिकॉर्ड खपत
पेट्रोलियम मंत्रालाय के पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के रिकॉर्ड के अनुसार फरवरी महीने में भारत में पिछले 24 साल में सबसे अधिक ईंधन की खपत का रिकॉर्ड बना है। इस दौरान पेट्रोल की खपत 8.9 फीसदी बढ़कर 2.8 मिलियन टन हो गई, जबकि डीजल की खपत 7.5 फीसदी बढ़कर 6.98 मिलियन टन हो गई। वहीं जेट ईंधन की बिक्री 43 फीसदी बढ़कर 0.62 मिलियन टन हो गई। हालांकि इस दौरान LPG की बिक्री घटी है। फरवरी में एलपीजी की बिक्री 0.1 फीसदी घटकर 23.9 लाख टन रह गई है।
