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क्रूड 115 डॉलर पार, दबाव में ग्लोबल मार्केट, गिफ्ट निफ्टी 125 अंक लुढ़का, क्या हैं निफ्टी के लिए संकेत?

क्रूड के दाम फिर से 115 डॉलर प्रति बैरल पार हो गए हैं। इसका असर ग्लोबल मार्केट्स पर दिख रहा है। गिफ्टी निफ्टी 125 अंक लुढ़क गया है। इस तरह भारतीय बाजार में कमजोर ओपनिंग के संकेत मिल रहे हैं।

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गिफ्ट निफ्टी कमजोर

Global Market Today: वैश्विक बाजारों से आज मिश्रित लेकिन झुकाव कमजोर संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी टेक शेयरों ने बाजार को संभाला, जबकि एशियाई बाजार दबाव में हैं। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और डॉलर की मजबूती भारतीय बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है। खासतौर पर गिफ्ट निफ्टी की कमजोरी भारतीय बाजार के बेंचमार्क निफ्टी और सेंसेक्स में कमजोर ओपनिंग के संकेत दे रहे हैं। जबकि, इससे पहले सोमवार को दोनों इंडेक्स तेजी के साथ बंद हुए।

अमेरिका में टेक का सहारा

अमेरिकी बाजारों में मजबूती का केंद्र टेक सेक्टर रहा, जहां Nasdaq और S&P 500 में क्रमशः 0.54% और 0.44% की बढ़त दर्ज हुई। हालांकि Dow Jones Futures में गिरावट यह संकेत देती है कि व्यापक बाजार में भरोसा अभी पूरी तरह लौटा नहीं है। साल की शुरुआत से अब तक तीनों प्रमुख इंडेक्स निगेटिव जोन में बने हुए हैं, जो निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है।

इंडेक्सLTPबदलावबदलाव (%)हाईलोओपनपिछला बंद52W हाई52W लोYTD (%)
Dow Jones Futures46,576.11-93.77-0.20%46,701.1046,354.9546,472.2046,669.8850,512.7937,103.86-3.09%
S&P 5006,611.83+29.14+0.44%6,621.866,579.956,591.346,582.697,002.284,910.42-3.41%
Nasdaq21,996.34+117.16+0.54%22,052.4121,871.5621,931.6621,879.1824,019.9915,053.39-5.41%

यूरोप में मिला-जुला रुख

यूरोपीय बाजारों में एकरूपता की कमी दिखी। FTSE में मजबूती रही और यह बुलिश जोन में बना हुआ है, जबकि जर्मनी का DAX दबाव में है। फ्रांस का CAC भी हल्की गिरावट के साथ न्यूट्रल ट्रेंड में है। यह संकेत देता है कि यूरोप में फिलहाल व्यापक तेजी नहीं, बल्कि सेक्टर-विशिष्ट मूवमेंट हावी है।

एशियाई बाजारों में दबाव

एशियाई बाजारों में ज्यादातर इंडेक्स लाल निशान में हैं, जिससे जोखिम से बचने की प्रवृत्ति साफ दिख रही है। GIFT NIFTY में गिरावट भारतीय बाजार के लिए कमजोर शुरुआत का संकेत दे रही है। Hang Seng और Jakarta Composite जैसे बाजारों में गिरावट बनी हुई है, जबकि Taiwan और KOSPI में सीमित मजबूती टेक आधारित खरीदारी को दिखाती है।

इंडेक्सLTPबदलावबदलाव (%)हाईलोओपनपिछला बंद52W हाई52W लोYTD (%)
GIFT NIFTY22,876.50-124.50-0.54%23,027.0022,864.0023,021.5023,045.0026,694.5022,250.00-12.99%
Nikkei 22553,325.00-88.68-0.17%53,910.0053,215.0053,589.0053,413.6859,332.4330,792.745.93%
Straits Times4,960.61-11.79-0.24%4,988.634,959.324,975.824,972.405,041.333,393.696.54%
Hang Seng25,116.53-177.50-0.71%25,254.4924,901.7725,197.0025,294.0328,056.1019,260.21-4.64%
Taiwan Weighted33,018.52+446.09+1.37%33,264.2232,671.5232,671.5232,572.4333,989.1818,418.2012.50%
KOSPI5,476.21+25.88+0.47%5,594.905,428.725,552.195,450.336,347.412,394.2527.07%
SET Composite1,454.000.000.00%1,471.751,454.001,545.311,066.0213.59%
Jakarta Composite6,952.95-36.48-0.52%7,012.106,945.967,001.566,989.439,174.475,882.61-19.59%
Shanghai Composite3,897.35+17.25+0.44%3,902.103,876.973,884.153,880.104,197.233,040.69-1.80%

कच्चे तेल में तेजी

कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल सबसे बड़ा फैक्टर बनकर उभरा है। Brent और Crude Oil दोनों में मजबूती बनी हुई है और साल-दर-साल आधार पर इसमें भारी तेजी दर्ज की गई है। ऊंची तेल कीमतें भारत जैसे आयातक देश के लिए महंगाई और करंट अकाउंट पर दबाव बढ़ा सकती हैं।

सेगमेंटनामLTPबदलावबदलाव (%)हाईलोओपनपिछला बंद52W हाई52W लोYTD (%)
CommodityBrent Crude111.05+1.28+1.17%111.23109.21110.07109.77114.8158.7282.53%
CommodityCrude Oil114.99+2.58+2.29%115.50112.51113.54112.41119.4855.20100.29%
CommodityGold4,638.10-12.94-0.28%4,669.614,616.444,658.954,651.045,595.512,970.007.37%
CurrencyDollar Index100.12+0.13+0.13%100.16100.00100.0199.99
CurrencyUSD/INR93.06-0.05-0.05%93.1192.7093.0093.11

डॉलर मजबूत

डॉलर इंडेक्स में मजबूती बनी हुई है, जो वैश्विक स्तर पर डॉलर की मांग को दर्शाता है। इसके मुकाबले रुपये में हल्की मजबूती जरूर दिखी है, लेकिन यह अभी भी सीमित दायरे में है। मजबूत डॉलर विदेशी निवेश प्रवाह को प्रभावित कर सकता है, जो इक्विटी बाजार के लिए अहम संकेत है।

भारतीय बाजार के लिए संकेत

ग्लोबल संकेतों को देखते हुए भारतीय बाजार के लिए आज का रुख सतर्कता भरा रह सकता है। एक ओर कच्चे तेल की तेजी ऊर्जा शेयरों को सपोर्ट दे सकती है, वहीं दूसरी ओर एशियाई कमजोरी और डॉलर की मजबूती दबाव बना सकती है। ऐसे में बाजार में सेक्टर आधारित चाल देखने को मिल सकती है।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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