कई बार लोग क्रेडिट कार्ड (Credit Card) और पर्सनल लोन (Personal Loan) के कर्ज में फंस जाते हैं। मान लीजिए किसी व्यक्ति पर 2 लाख रुपये का क्रेडिट कार्ड बकाया है और 5 लाख रुपये का पर्सनल लोन भी चल रहा है तो सबसे बड़ा सवाल यह है कि पहले किस कर्ज को चुकाना चाहिए? इसका जवाब केवल बकाया रकम से नहीं, बल्कि दोनों पर लगने वाले ब्याज और आपकी भुगतान क्षमता से तय होता है।
पहले कौन-सा कर्ज चुकाना चाहिए
आमतौर पर क्रेडिट कार्ड का बकाया चुकाना प्राथमिकता होनी चाहिए, क्योंकि इस पर पर्सनल लोन के मुकाबले काफी ज्यादा ब्याज लग सकता है। क्रेडिट कार्ड के बकाया पर सालाना ब्याज दर करीब 36 से 42 फीसदी तक हो सकती है, जबकि पर्सनल लोन की दर आमतौर पर 11 से 18 फीसदी के आसपास रहती है। हालांकि, वास्तविक दर बैंक, कार्ड और लोन की शर्तों पर निर्भर करती है।
इसका मतलब है कि भले ही क्रेडिट कार्ड का कर्ज 2 लाख रुपये है और पर्सनल लोन 5 लाख रुपये का, लेकिन क्रेडिट कार्ड पर ब्याज का बोझ तेजी से बढ़ सकता है। इसलिए अतिरिक्त पैसे से पहले महंगे कर्ज को कम करना समझदारी है।
सिर्फ मिनिमम ड्यू पेमेंट करना पड़ सकता है भारी
क्रेडिट कार्ड के बिल पर केवल न्यूनतम देय राशि चुकाने से खाते में पेमेंट की चूक से बचने में मदद मिल सकती है, लेकिन इससे पूरा बकाया खत्म नहीं होता। बची हुई रकम पर ब्याज लगता रह सकता है और समय के साथ कर्ज बढ़ सकता है। इसलिए संभव हो तो हर महीने पूरा बिल चुकाएं। अगर पहले से बड़ा बकाया जमा है, तो उसे जल्द कम करने की योजना बनाएं।
पर्सनल लोन की EMI बंद न करें
हालांकि, क्रेडिट कार्ड का कर्ज पहले चुकाने का मतलब यह नहीं है कि पर्सनल लोन की ईएमआई रोक दी जाए। दोनों कर्जों का भुगतान समय पर करना जरूरी है। पर्सनल लोन की EMI में देरी होने पर अतिरिक्त शुल्क लग सकता है और क्रेडिट स्कोर पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।
कर्ज से बाहर निकलने के लिए क्या करें?
सबसे पहले दोनों कर्जों की ब्याज दर, EMI और भुगतान की शर्तों की तुलना करें। जरूरी खर्चों के बाद बचने वाली रकम को अधिक ब्याज वाले कर्ज को चुकाने में लगाएं।
