बिजनेस

Sahara India Refund Portal: सहारा इंडिया रिफंड पोर्टल लॉन्च, अब फटाफट मिलेगा फंसा हुआ पैसा

Sahara India Refund Form 2023 Direct Link at www.cooperation.gov.in: केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सहारा इंडिया रिफंड पोर्टल लॉन्च कर दिया है। इस पोर्टल को ''केंद्रीय पंजीयक-सहारा रिफंड पोर्टल'' नाम दिया गया है।

Image

Sahara India Refund Portal: सहारा इंडिया रिफंड पोर्टल लॉन्च, अब फटाफट मिलेगा फंसा हुआ पैसा

KEY HIGHLIGHTS
  • सहारा इंडिया रिफंड पोर्टल लॉन्च
  • निवेशकों को जल्दी मिलेगा फंसा हुआ पैसा
  • सुप्रीम कोर्ट का था निर्देश

CRCS- Sahara India Refund Portal: केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने सहारा इंडिया रिफंड पोर्टल (Sahara India Refund Portal) लॉन्च कर दिया है। इस पोर्टल को ''केंद्रीय पंजीयक-सहारा रिफंड पोर्टल'' (Central Registrar of Cooperative Societies-Sahara Portal) नाम दिया गया है। ये उन लोगों के लिए मददगार होगा, जिनके पैसे सहारा इंडिया में फंसे हैं। सीआरसीएस सहारा रिफंड पोर्टल पर ऐसे लोगों की डिटेल्स शामिल की जाएगी। साथ ही पैसा वापस मिलने की सारी अहम जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध होगी। वे लाखों निवेशक, जिनका पैसा सहारा में फंसा है, ये उनके लिए सरकार की तरफ से उठाया गया राहत भरा कदम है।

इसलिए किया गया डेवलप

सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल' को सहारा समूह की सहकारी समितियों जैसे - सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी लिमिटेड, हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड और स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड- के असल जमाकर्ताओं के वैलिड क्लेम सबमिट करने के लिए डेवलप किया गया है।

निवेशकों पर किसी ने ध्यान नहीं दिया

इस पोर्टल के लॉन्चिंग प्रोग्राम में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि करोड़ों लोगों की गाढ़ी कमाई इन चार समितियों में फंसी थी, जिन पर घोटाले का आरोप लगा। कोर्ट केस हुए, पर कानूनी लड़ाई में निवेशकों पर किसी का ध्यान नहीं गया। मगर सभी सरकारी एजेंसियों के साथ बातचीत और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार रिफंड की व्यवस्था की गई।

उन्होंने कहा कि सरकारी एजेंसी निवेशकों के बारे में नहीं सोचती। इसी के चलते कोऑपरेटिव सोसाइटी को लेकर असुरक्षा की भावना बनी। मगर जिन लोगों के पास पैसा नहीं है और वे देश के विकास में योगदान देना चाहते हैं, उनके लिए कोऑपरेटिव आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट का था निर्देश

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने निवेशकों के फंसे पैसे को वापस दिलाने के निर्देश जारी किए थे। सेबी के पास जब्त किए गए 24 हजार करोड़ रुपये हैं, जिसमें से 5000 करोड़ रुपये निवेशकों को लौटाए जाएंगे।

इसी साल मार्च 2023 में सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति एमआर शाह और न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार की पीठ ने निर्देश दिया था कि सहारा समूह की को-ऑपरेटिव सोसायटीज द्वारा ठगे गए निवेशकों को पैसा लौटाया जाना चाहिए। पैसा लौटाने की पूरी प्रोसेस शीर्ष अदालत के न्यायाधीश न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी करेंगे।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

और पढ़ें
End of Article