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RBI के रेपो दर में कटौती से बैंक के मुनाफे पर नहीं पड़ेगा असर: एसबीआई चेयरमैन

बैंक के पास अपने एनआईएम को बनाए रखने के लिए कई उपाय हैं। इसमें नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में एक प्रतिशत कटौती का पूरा लाभ, पहले उच्च दरों पर की गई सावधि जमाओं (एफडी) का पुनर्मूल्यांकन और बैंक खाते की 0.2 प्रतिशत दर कटौती शामिल है।

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SBI

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन सी. एस. शेट्टी ने बुधवार को कहा कि बैंक अगले सप्ताह नीतिगत ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती होने की स्थिति में भी अपना तीन प्रतिशत शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) का लक्ष्य हासिल करने को लेकर आश्वस्त है।

शेट्टी ने पीटीआई-भाषा के साथ बातचीत में कहा कि रिजर्व बैंक नीतिगत रेपो दर पर अगले सप्ताह एक मुश्किल फैसला लेगा, लेकिन बैंक का अनुमान है कि अगर ब्याज दर में कटौती होती है, तो यह सिर्फ 0.25 प्रतिशत की मामूली कटौती होगी, जिसका मार्जिन पर विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि बैंक के पास अपने एनआईएम को बनाए रखने के लिए कई उपाय हैं। इसमें नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में एक प्रतिशत कटौती का पूरा लाभ, पहले उच्च दरों पर की गई सावधि जमाओं (एफडी) का पुनर्मूल्यांकन और बैंक खाते की 0.2 प्रतिशत दर कटौती शामिल है।

उन्होंने यह भी बताया कि बैंक की केवल 30 प्रतिशत परिसंपत्तियां रेपो दर से संबद्ध हैं, लिहाजा रिजर्व बैंक की दर कटौती का प्रभाव सीमित रहेगा। उन्होंने कहा कि सितंबर तिमाही में एसबीआई ने एनआईएम को 0.03 प्रतिशत बढ़ाकर 2.93 प्रतिशत किया था और इसके आधार पर वह चालू वित्त वर्ष के अंत तक एनआईएम तीन प्रतिशत से अधिक रहने को लेकर आश्वस्त हैं।

इनपुट- भाषा

Pradeep Pandey
प्रदीप पाण्डेयauthor

प्रदीप पाण्डेय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट पर कंटेंट तैयार करते हैं। डिजिटल मीडिया में 10 वर्षों के अनुभव के साथ प्रदीप तकनीक की दुनिया को समझने और उसे आम पाठकों तक सरल व उपयोगी रूप में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। प्रदीप अब तक 11,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। वह गैजेट रिव्यू, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेक टिप्स और नवीनतम टेक इनोवेशन पर लगातार काम करते हैं। एआई टूल्स पर एक्सपेरिमेंट करना, नए ऐप्स टेस्ट करना और टेक से जुड़े प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस खोजने में उनकी खास रुचि है।

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