Coal Sector Employees New Law : कोयला मंत्रालय कोयला क्षेत्र के कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा और पेंशन संबंधी लाभ सुनिश्चित करने के लिए एक नया कानून लाने की योजना बना रहा है। यह नया कानून 77 वर्ष पुराने ‘कोयला खदान भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम, 1948’ की जगह लेगा।
नए विधेयक में शामिल मुख्य सुधार
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक प्रस्तावित विधेयक में औद्योगिक विवादों के समाधान, कार्य स्थितियों, सामाजिक सुरक्षा, वेतन नियमन और डिजिटलीकरण जैसे क्षेत्रों में हाल ही में हुए सुधारों को शामिल किया गया है।
हितधारकों से टिप्पणियों की मांग
कोयला मंत्रालय ने ‘कोयला खदान कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान विधेयक, 2025’ के प्रारूप पर हितधारकों से टिप्पणियां आमंत्रित की हैं ताकि कानून को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
नया नियामक ढांचा और बोर्ड गठन
प्रस्तावित कानून में मौजूदा न्यासी मंडल की जगह कोयला खदान कर्मचारी भविष्य निधि बोर्ड के गठन का प्रावधान किया गया है, जिससे एक अधिक जवाबदेह और सुदृढ़ नियामकीय ढांचा स्थापित होगा।
क्या है पुराना कानून
‘कोयला खदान भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम, 1948’ कोयला खदानों में कार्यरत श्रमिकों के लिए भविष्य निधि योजना, पारिवारिक पेंशन योजना और जमा से जुड़ी बीमा योजना लागू करता है। यह अधिनियम संविधान लागू होने से पहले बनाया गया था और समय-समय पर संशोधित होता रहा है।
कानून की समीक्षा और सुधार की जरुरत
मंत्रालय ने कहा है कि अधिनियम की व्यापक समीक्षा और उसके प्रावधानों को मजबूत करने की आवश्यकता है ताकि यह वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रभावी रूप से काम कर सके। यह अधिनियम कोयला मंत्रालय के अधीन कोयला खदान भविष्य निधि संगठन द्वारा प्रशासित किया जाता है।
केंद्र सरकार का दृष्टिकोण
केंद्र सरकार संविधान लागू होने से पहले बने कानूनों की प्रासंगिकता की समीक्षा कर रही है। साथ ही, समान विषय-वस्तु वाले कई केंद्रीय कानूनों को मिलाकर नए सिरे से अधिनियमित करने या निरस्त करने पर विचार किया जा रहा है।
