Closing Bell 20 March: शुक्रवार 20 मार्च को शेयर बाजार ने मजबूती के साथ शुरुआत की, लेकिन दिन के अंत तक तेजी कमजोर पड़ गई। निफ्टी 112 अंक चढ़कर 23,114 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 325 अंक बढ़कर 74,532 पर बंद हुआ। ऊपरी स्तरों पर बिकवाली ने बाजार की रफ्तार थाम दी।
| इंडेक्स | क्लोजिंग लेवल | बदलाव (Points) | बदलाव (%) | ओपन | हाई | लो | पिछला बंद |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| NIFTY 50 | 23,114.50 | +112.35 | +0.49% | 23,110.15 | 23,345.15 | 23,067.60 | 23,002.15 |
| BSE SENSEX | 74,532.96 | +325.72 | +0.44% | 74,559.38 | 75,286.39 | 74,385.04 | 74,207.24 |
क्यों ठंडा पड़ा जोश?
दिन की शुरुआत में बाजार ने जोरदार उछाल दिखाया था और निफ्टी 300 अंक से ज्यादा की तेजी के साथ 23,300 के पार निकल गया था, जबकि सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा की तेजी के साथ 75,000 के ऊपर पहुंच गया था। हालांकि, यह तेजी टिक नहीं पाई और ऊपरी स्तरों पर लगातार मुनाफावसूली देखने को मिली। इसके चलते इंडेक्स अपने इंट्राडे हाई से नीचे फिसलकर बंद हुए।
मुनाफावसूली ने रोकी बाजार की रफ्तार
गुरुवार की भारी गिरावट के बाद शुक्रवार को आई तेजी को कई निवेशकों ने मुनाफा निकालने के मौके के तौर पर इस्तेमाल किया। जैसे ही बाजार ऊपरी स्तरों पर पहुंचा, बिकवाली बढ़ने लगी। खासकर लार्जकैप शेयरों में प्रॉफिट बुकिंग ने इंडेक्स पर दबाव बनाया।
बैंकिंग शेयरों में कमजोरी बनी बड़ी वजह
बाजार की तेजी को सबसे ज्यादा झटका बैंकिंग शेयरों से लगा। HDFC Bank और कुछ अन्य प्राइवेट बैंक शेयरों में गिरावट देखने को मिली, जिससे बैंक निफ्टी दबाव में रहा। फाइनेंशियल सेक्टर की कमजोरी ने पूरे बाजार की तेजी को सीमित कर दिया।
क्रूड और ग्लोबल संकेतों ने बढ़ाई सतर्कता
हालांकि कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर से नीचे आ गई हैं, लेकिन अब भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। इसके साथ ही पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अमेरिकी बाजारों की कमजोरी ने निवेशकों को सतर्क बनाए रखा, जिससे ऊपरी स्तरों पर खरीदारी कमजोर पड़ गई।
ब्रॉड मार्केट में मजबूती, लेकिन उत्साह सीमित
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में हल्की मजबूती बनी रही और बाजार की ब्रेड्थ पॉजिटिव रही। हालांकि, यह तेजी इतनी मजबूत नहीं थी कि इंडेक्स को ऊंचे स्तर पर टिकाए रख सके। इससे साफ है कि बाजार में भरोसा लौटा जरूर है, लेकिन अभी पूरी तरह मजबूत नहीं हुआ है।
आगे क्या संकेत मिल रहे हैं
बाजार में रिकवरी के संकेत जरूर हैं, लेकिन ऊपरी स्तरों पर दबाव भी साफ दिख रहा है। जब तक ग्लोबल संकेत पूरी तरह स्थिर नहीं होते और क्रूड में ठहराव नहीं आता, तब तक बाजार में रेंज-बाउंड ट्रेडिंग देखने को मिल सकती है।
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