भारत का फिनटेक सेक्टर हमेशा से ही नए-नए प्रयोगों के लिए जाना जाता है। इसी कड़ी में अब क्रेडिट कार्ड्स को अधिक 'इंटरएक्टिव' और स्टाइलिश बनाने के लिए एक नई तकनीक पेश की गई है। AU स्मॉल फाइनेंस बैंक और फिनटेक कंपनी 'Cheq' ने मिलकर भारत का पहला को-ब्रांडेड LED क्रेडिट कार्ड लॉन्च करने की घोषणा की है। इस कार्ड की सबसे बड़ी खासियत यह है कि जैसे ही आप किसी दुकान पर 'टैप-एंड-पे' (Tap and Pay) फीचर का इस्तेमाल करके पेमेंट करेंगे, कार्ड के अंदर लगी LED लाइट जल उठेगी। यह न केवल दिखने में आकर्षक है, बल्कि डिजिटल ट्रांजेक्शन के अनुभव को पूरी तरह बदल देता है।
बिना बैटरी के कैसे जलती है लाइट?
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि इतने पतले क्रेडिट कार्ड में लाइट कैसे जल सकती है? क्या इसमें कोई बैटरी लगी होती है? इसका जवाब है नहीं। इस कार्ड में किसी भी तरह की बाहरी बैटरी की जरूरत नहीं होती है। यह 'नियर फील्ड कम्युनिकेशन' (NFC) तकनीक पर आधारित है। जब आप कार्ड को स्वाइप मशीन (POS Terminal) के पास ले जाते हैं, तो मशीन से निकलने वाली इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स (ऊर्जा) को कार्ड सोख लेता है। इसी ऊर्जा का इस्तेमाल करके कार्ड की LED लाइट जलती है। यानी जब तक पेमेंट की प्रक्रिया चलती है, आपका कार्ड रोशनी से जगमगाता रहता है।
सिर्फ स्टाइल नहीं, सुरक्षा का भी संकेत
LED क्रेडिट कार्ड केवल दिखावे के लिए नहीं है, बल्कि यह सुरक्षा के लिहाज से भी काफी उपयोगी साबित हो सकता है। पेमेंट के दौरान लाइट जलने का मतलब है कि कार्ड मशीन के संपर्क में है और ट्रांजेक्शन प्रोसेस हो रहा है। अगर लाइट नहीं जलती है, तो इसका मतलब हो सकता है कि कनेक्शन ठीक नहीं है या मशीन में कोई दिक्कत है। यह 'विजुअल कन्फर्मेशन' ग्राहक को यह भरोसा दिलाती है कि उसका कार्ड सही तरीके से काम कर रहा है। इसके अलावा, अंधेरे या कम रोशनी वाली जगहों पर पेमेंट करते समय यह फीचर काफी कूल और सुविधाजनक लगता है।
किसके लिए है यह कार्ड?
AU बैंक और Cheq का यह को-ब्रांडेड कार्ड खास तौर पर उन युवा खरीदारों (Gen-Z और Millennials) को ध्यान में रखकर बनाया गया है जो तकनीक और लाइफस्टाइल के दीवाने हैं। यह कार्ड उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो डिजिटल पेमेंट्स को एक नए और आधुनिक तरीके से अपनाना चाहते हैं। चूंकि यह एक को-ब्रांडेड कार्ड है, इसलिए इस पर ग्राहकों को डाइनिंग, शॉपिंग और अन्य लाइफस्टाइल खर्चों पर विशेष रिवॉर्ड पॉइंट्स और कैशबैक भी मिलने की उम्मीद है।
बाजार में बदलाव की शुरुआत
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में इस तरह के 'मैटालिक' और 'इंटरएक्टिव' कार्ड्स का चलन आने वाले समय में तेजी से बढ़ेगा। जैसे-जैसे लोग मेटल क्रेडिट कार्ड्स की ओर बढ़ रहे हैं, LED कार्ड्स उन्हें एक अलग और प्रीमियम अहसास कराते हैं। आने वाले समय में अन्य बड़े बैंक भी इस तरह की तकनीक अपना सकते हैं, जहाँ कार्ड का रंग या लाइट पेमेंट की स्थिति (सफल या विफल) के आधार पर बदल सकती है।
