नई दिल्ली। सिर्फ चार दिनों में दक्षिण भारत को अपनी पहली वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) मिल जाएगी। इसका परीक्षण सोमवार को चेन्नई के एमजी रामचंद्रन सेंट्रल रेलवे स्टेशन से शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) इस शुक्रवार यानी 11 नवंबर 2022 को चेन्नई-मैसूर वंदे भारत एक्सप्रेस (Chennai Mysore Vande Bharat Express) को हरी झंडी दिखाएंगे। यह भारत की पांचवीं वंदे भारत ट्रेन है।
ये होगा ट्रेन का टाइम और रूट
ट्रेन भारत के दक्षिणी भाग में स्वदेशी रूप से निर्मित पहली ऐसी हाई-स्पीड रेल है। इस हाई-स्पीड ट्रेन का बेंगलुरु के क्रांतिवीर संगोली रायन्ना (KRS) स्टेशन पर सिंगल स्टॉप होगा। चेन्नई-मैसूर वंदे भारत एक्सप्रेस सर्विस बुधवार को छोड़कर हफ्ते में छह दिन चलेगी। हाई-स्पीड ट्रेन चेन्नई सेंट्रल से सुबह 5:50 बजे निकलेगी और दोपहर 12:30 बजे मैसूर पहुंचेगी। यह बेंगलुरु के क्रांतिवीर सांगोली रायन्ना (KRS) स्टेशन पर रुकेगा और पेरंबूर, वेप्पमपट्टू, काटपाडी जंक्शन, गुडुपल्ली और मलूर से होकर गुजरेगी। वापसी की यात्रा के लिए, यह दोपहर 1.05 बजे मैसूर से रवाना होगी, दोपहर 2.25 बजे बेंगलुरु पहुंचेगी और शाम 7.35 बजे चेन्नई पहुंचेगी।
टिकट की कीमत और अन्य जानकारी
ट्रेन की 'इकोनॉमी क्लास' में सफर करने के लिए यात्रियों को 921 रुपये, जबकि 'एग्जीक्यूटिव क्लास' में सफर करने के लिए यात्रियों को 1,880 रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं। News18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, मैसूर और बेंगलुरु के बीच यात्रा का किराया क्रमशः 368 रुपये और 768 रुपये होगा। वंदे भारत की टिकट का किराया शताब्दी (Shatabdi) के किराए से लगभग 39 फीसदी ज्यादा है क्योंकि इसमें रिजर्वेशन और केटरिंग का 40 रुपये (एसी चेयर कार के लिए) और 75 रुपये (एग्जीक्यूटिव क्लास के लिए) शुल्क जुड़ता है।
इतनी होगी ट्रेन की स्पीड
75 और 77 किलोमीटर प्रति घंटे की औसत गति के साथ, ट्रेन लगभग साढ़े छह घंटे में 504 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। 16 कोच की हाई स्पीड ट्रेन में ऑटोमैटिक दरवाजे, एक जीपीएस-आधारित ऑडियो- विजुअल यात्री सूचना सिस्टम, मनोरंजन के उद्देश्यों के लिए ऑनबोर्ड हॉटस्पॉट वाई-फाई, आरामदायक बैठने की सुविधा, आदि है। इसके अलावा ट्रेन के एग्जीक्यूटिव क्लास में रोटेटिंग चेयर लगाई गई हैं और हर कोच में पेंट्री भी है। सभी शौचालय बायो-वैक्यूम प्रकार के हैं।
