Chanda Kochhar bribery case: ICICI बैंक की पूर्व CEO चंदा कोचर को 300 करोड़ रुपये के वीडियोकॉन लोन के बदले 64 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने के मामले में दोषी पाया गया है। ट्रिब्यूनल ने पुष्टि की है कि रिश्वत उनके पति की कंपनी के माध्यम से दी गई थी, जो धन शोधन निवारण अधिनियम और बैंक की आंतरिक नीतियों का उल्लंघन है।
पति की कंपनी के जरिए हुआ घूस का लेनदेन, सबूतों से हुई पुष्टि
ट्रिब्यूनल ने पाया कि ICICI बैंक द्वारा वीडियोकॉन को 300 करोड़ रुपये का लोन देने के ठीक एक दिन बाद वीडियोकॉन की एक सब्सिडियरी कंपनी से 64 करोड़ रुपये दीपक कोचर की कंपनी NuPower Renewables को ट्रांसफर किए गए। दस्तावेजी सबूतों और PMLA की धारा 50 के तहत दर्ज बयानों से रिश्वत का लेनदेन स्पष्ट हुआ है।
हितों का टकराव और पद के दुरुपयोग का मामला- ट्रिब्यूनल
ट्रिब्यूनल ने अपने फैसले में चंदा कोचर द्वारा अपने पति के कारोबारी संबंधों की जानकारी छिपाने को "हितों के टकराव" का गंभीर उल्लंघन बताया। वह खुद उस समिति का हिस्सा थीं जिसने वीडियोकॉन को लोन मंजूर किया था, जबकि उनके पारिवारिक हित स्पष्ट रूप से जुड़े हुए थे। यह कृत्य "पद के दुरुपयोग और निजी लाभ" की श्रेणी में आता है।
पहले जारी हुई संपत्ति अब जब्त, ट्रिब्यूनल ने पलटा पुराना आदेश
2020 में जिन 78 करोड़ रुपये की संपत्तियों को ED द्वारा जब्त किया गया था और फिर छोड़ा गया था, उस आदेश को अब ट्रिब्यूनल ने रद्द कर दिया है। ट्रिब्यूनल का कहना है कि पहले के फैसले में "जरूरी तथ्यों को नजरअंदाज किया गया" और "रिकॉर्ड से विपरीत निष्कर्ष" निकाले गए।
पुराने मामले से शुरू हुई थी जांच, अब सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी
यह मामला 2009-2012 के बीच दिए गए कुल 1,875 करोड़ रुपये के लोन से जुड़ा है, जिसमें से 300 करोड़ रुपये 2012 में मंजूर हुए थे। उसी के तुरंत बाद कथित घूस ट्रांसफर हुआ। 2018 में शिकायतों और मीडिया रिपोर्ट्स के बाद चंदा कोचर ने CEO पद से इस्तीफा दिया था। अब ED और CBI इस मामले में और गहराई से कार्रवाई कर सकते हैं।
कौन हैं चंदा कोचर ?
चंदा कोचर ICICI बैंक की पूर्व CEO और MD रह चुकी हैं। उन्होंने बैंक को रिटेल सेक्टर में मजबूत बनाया और कई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीते। 2018 में वीडियोकॉन को दिए गए लोन में हितों के टकराव और भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। अब 2025 में ट्रिब्यूनल ने उन्हें ₹64 करोड़ की रिश्वत लेने का दोषी ठहराया है।
