Reliance To Take More Loan: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मार्केट कैपिटल के लिहाज से देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries), जिसके चेयरमैन एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) हैं, को वित्त वर्ष 2022-23 में जुटाए गए 3 अरब डॉलर (24618 करोड़ रु) के अलावा और 2 अरब डॉलर (16412 करोड़ रु) का कर्ज लेने की अनुमति दी है।
रिलायंस एक कैश-रिच कंपनी है, यानी एक ऐसी कंपनी जिसके पास काफी कैश है। रिलायंस के पास 2023 की मार्च तिमाही के आखिर में 74,708 करोड़ रु का कैश और कैश इक्विवैलेंट था। फिर भी कंपनी को अब कर्ज लेना पड़ रहा है। आगे जानिए क्यों।
पैसों का क्या करेगी रिलायंस
इकोनॉमिक टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि रिलायंस नए कर्ज का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और अपनी न्यू एनर्जी और टेलीकॉम बिजनेसों का विस्तार करने के लिए करेगी। आरबीआई ने रिलायंस को जो अनुमति दी है उसके पीछे मेन फैक्टर था कि लोन की राशि आरबीआई द्वारा तय की गई लिमिट से अधिक थी।
मजबूत है रिलायंस की क्रेडिट रेटिंग
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार रिलायंस की मजबूत क्रेडिट रेटिंग और कैश फ्लो को देखते हुए, दुनिया भर के बैंक मार्च में कंपनी को लोन देना चाहते थे। सिंडिकेशन के दो राउंड के बाद लोन की मजबूत मांग का मतलब था कि कंपनी के पास लोन लेने का काफी मौका था, क्योंकि कई बैंक लोन ऑफर कर रहे थे। इसलिए अब कंपनी ने जरूरत से ज्यादा लोन लेने का फैसला किया।
फॉरेन करेंसी लोन भी लेगी रिलायंस
पहले सामने आई कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार रिलायंस 2 अरब डॉलर तक के फॉरेन करेंसी लोन लेने की भी योजना बना रही थी। अन्य रिपोर्ट्स के अनुसार, कम से कम 10 और बैंक रिलायंस और रिलायंस जियो इन्फोकॉम को 3 अरब डॉलर का लोन दे सकते हैं।
