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क्या 30 हजार की इनकम पर एक साथ चल सकते हैं घर और गाड़ी के लोन? जानिए बजटिंग का सही तरीका

क्या ₹30,000 की मासिक सैलरी में होम लोन और कार लोन एक साथ मैनेज हो सकते हैं? जवाब है हां! बस इसके लिए आपको सही बजटिंग और स्मार्ट प्लानिंग की जरूरत है। जानिए कम इनकम में अपने दोनों बड़े सपनों को पूरा करने का सही तरीका।

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Money Management

हर इंसान का सपना होता है कि उसका अपना एक सुंदर सा घर हो और घूमने के लिए एक शानदार कार हो। लेकिन जब बात इन सपनों को 30,000 की सीमित सैलरी में पूरा करने की आती है, तो लोग अक्सर पीछे हट जाते हैं। कई लोगों को लगता है कि इतनी कम इनकम में होम लोन (Home Loan) और कार लोन (Car Loan) की किस्तें एक साथ चुकाना नामुमकिन है। लेकिन सच तो यह है कि अगर आप सही प्लानिंग, स्मार्ट बजटिंग और अनुशासन के साथ चलें, तो इस सैलरी में भी दोनों लोन को आसानी से मैनेज किया जा सकता है।

इस पूरी प्लानिंग में सबसे पहला और जरूरी नियम है '50-30-20' का फॉर्मूला। इसका मतलब है कि आपको अपनी ₹30,000 की सैलरी को तीन हिस्सों में बांटना होगा। 15,000 (50%) आपके घर के जरूरी खर्चों जैसे राशन, बिजली का बिल और बच्चों की पढ़ाई के लिए होने चाहिए। 9,000 (30%) आपकी इच्छाओं और लोन की ईएमआई (EMI) के लिए और बाकी बचे 6,000 (20%) आपकी भविष्य की बचत या इन्वेस्टमेंट के लिए होने चाहिए। जब आप इस तरह से पैसों का बंटवारा करते हैं, तो आपकी जेब पर अचानक से कोई बड़ा बोझ नहीं पड़ता।

लोन लेते समय इन बातों का रखें खास ध्यान

अगर आप ₹30,000 की सैलरी पर दोनों लोन एक साथ शुरू करना चाहते हैं, तो आपको अपने लोन अमाउंट और टेन्योर (समय सीमा) को बहुत समझदारी से चुनना होगा। होम लोन हमेशा लंबी अवधि (जैसे 20 से 25 साल) के लिए लें, ताकि उसकी मंथली ईएमआई कम से कम रहे। वहीं कार लोन के लिए कोशिश करें कि आप एक बड़ा डाउन पेमेंट कर दें, जिससे लोन की राशि छोटी हो जाए और उसकी किस्त आपकी जेब पर भारी न पड़े। जानकारों के मुताबिक, आपकी कुल लोन ईएमआई आपकी कुल इन-हैंड सैलरी के 40 से 45 फीसदी से ज्यादा कभी नहीं होनी चाहिए। यानी 30,000 की सैलरी में आपके दोनों लोन की किस्तें मिलाकर 12,000 से 13,000 के अंदर ही सिमट जानी चाहिए।

इमरजेंसी फंड बनाना है बेहद जरूरी

जब आप दो लोन एक साथ चला रहे हों, तो जिंदगी में किसी भी अनहोनी या अचानक आए खर्च से निपटने के लिए एक इमरजेंसी फंड होना बहुत जरूरी है। मान लीजिए किसी महीने कोई मेडिकल इमरजेंसी आ जाए या नौकरी में कोई दिक्कत हो, तो आपके लोन की ईएमआई नहीं रुकनी चाहिए। इसलिए लोन शुरू करने से पहले ही कम से कम 6 महीने की ईएमआई और घर के खर्च के बराबर की रकम एक अलग बैंक खाते में बचाकर रख लें। यह फंड आपको किसी भी मुश्किल समय में कर्ज के जाल में फंसने से बचाएगा।

फालतू खर्चों पर लगाएं लगाम

दो-दो लोन एक साथ मैनेज करने के लिए आपको अपनी लाइफस्टाइल में थोड़े बदलाव करने होंगे। बाहर खाना खाने, महंगे गैजेट्स खरीदने या बिना वजह की शॉपिंग करने जैसे फालतू खर्चों पर कुछ समय के लिए लगाम लगानी होगी। याद रखें कि क्रेडिट कार्ड का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल या बिना सोचे-समझे की गई फिजूलखर्ची आपके पूरे बजट को बिगाड़ सकती है। अगर आप आज थोड़े से अनुशासन के साथ अपने खर्चों को मैनेज कर लेते हैं, तो भविष्य में आपके पास अपना घर भी होगा और अपनी गाड़ी भी, वह भी बिना किसी मानसिक तनाव के।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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