क्या है खतरा
अपील में कहा गया है कि दिवालिया कार्यवाही चलती रही तो हजारों कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने पर मजबूर होना पड़ेगा। और कंपनी की सेवाएं पूरी तरह से बंद हो जाएगी। रवींद्रन ने हाईकोर्ट से कहा है इस कार्यवाही से मेंटेनेंस के लिए बायजू को सेवा देने वाले वेंडर को भी डिफॉल्टर घोषित करना होगा। और फिर सारा ऑपरेशन ठप हो जाएगा। इसके पहले दूसरे मामलों में दिवालिया कार्यवाही शुरू होने से बायजू की संपत्तियां अटैच कर ली गई हैं। और उसके बोर्ड को भी निलंबित कर दिया गया है। बायजू के पास अभी 27 हजार कर्मचारी हैं, जिनमें 16,000 शिक्षक शामिल हैं। इस मामले में रवींद्रन ने कहा है कि वह 90 दिनों के भीतर भुगतान कर देंगे।
सोमवार को सुनवाई
रवीन्द्रन के वकील ने कर्नाटक हाईकोर्ट में 452-पन्नों की अपील दायर की है। कोर्ट इस पूरे मामले की 22 जुलाई को सुनवाई करेगा। अपील में कहा गया है कि रवीन्द्रन 90 दिनों के अंदर BCCI को बकाया राशि का भुगतान करने के लिए तैयार हैं। इसके पहले BCCI ने 158 करोड़ रुपए की बकाया राशि वसूलने के लिए, पिछले साल बायजू की मूल कंपनी थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ याचिका दायर की थी।
