How to buy cheap flat: पिछले कुछ सालों में प्रॉपर्टी की कीमत तेजी से बढ़ी है। इसके चलते 30 लाख रुपये में मिलने वाला 2BHK का फ्लैट अब 1 करोड़ रुपये में मिल रहा है। फ्लैट की कीमत में बेताहाशा बढ़ोतरी के कारण बहुत सारे लोग चाहकर भी अपना घर नहीं खरीद पा रहे हैं। अगर आप भी उन लोगों में शामिल हैं जो इस परेशानी का सामना कर रहे हैं तो हम आपको आज वह ट्रिक बता रहे हैं जो 90% होम बायर्स नहीं जानते हैं। अगर आप इस तरीके से फ्लैट खरीदेंगे तो 2बीएचके की कीमत में 3बीएचके फ्लैट आसानी से खरीद पाएंगे। आइए जानते हैं फ्लैट खरीदने का वह तरीका।
कैसे खरीद सकते हैं कम कीमत में बड़ी प्रापॅर्टी
कोरोना महामारी के बाद बड़े घरों की मांग तेजी से बढ़ी है। अधिकांश लोग 3बीएचके फ्लैट खरीद रहे हैं। हालांकि, बहुत सारे लोग अपने बजट के बाहर जाकर प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं। इस चक्कर में लोन चुकाने में समस्या आ रही है और प्रॉपर्टी बैंक ऑक्शन में चली जा रही है। यही प्रॉपर्टी आप कम कीमत में खरीद सकते हैं।
कब प्रॉपर्टी ऑक्शन में जाती है?
आपको बता दें कि ऑक्शन प्रॉपर्टी, जिसे फोरक्लोजर या डिस्ट्रेस्ड प्रॉपर्टी भी कहा जाता है, वह बैंक द्वारा जब्त की गई प्रॉपर्टी होती है। भारत के SARFAESI एक्ट के तहत, जब कोई होम बायर्स बॉरोअर होम लोन की इक्वेटेड मंथली इंस्टॉलमेंट (EMI) नहीं चुका पाता है, तो बैंक गिरवी रखी प्रॉपर्टी पर कब्जा कर लेता है। बॉरोअर को बकाया रकम चुकाने का पूरा मौका दिया जाता है। अगर बॉरोअर ऐसा नहीं कर पाता है, तो बैंक प्रॉपर्टी को बेचने के लिए लिस्ट कर देता है। लेंडर बकाया लोन अमाउंट रिकवर करने के लिए प्रॉपर्टी को, अक्सर डिस्काउंट पर बेच देता है। ये प्रॉपर्टीज बॉरोअर के अपने मॉर्गेज पर डिफॉल्ट करने के बाद पब्लिक ऑक्शन या ऑनलाइन ई-ऑक्शन के जरिए बेची जाती हैं। खरीदार पहले से तय रिजर्व प्राइस से ज्यादा बोली लगाते हैं। अक्सर मौजूदा मार्केट वैल्यू से कम, लेकिन किसी भी बकाया ड्यूज को क्लियर करने की जिम्मेदारी लेते हैं।
जो घर खरीदने में दिलचस्पी रखते हैं, वे ई-ऑक्शन पोर्टल पर रजिस्टर कर सकते हैं और बोली लगा सकते हैं। सबसे ज्यादा बोली लगाने वाला जीतता है और उसे जरूरी फॉर्मैलिटीज पूरी करनी होती हैं, जिसके बाद बैंक प्रॉपर्टी खरीदार के नाम पर ट्रांसफर कर देता है।
बैंक ऑक्शन प्रॉपर्टी खरीदने के फायदे
प्रॉपर्टी के कम रेट: बैंक ऑक्शन प्रॉपर्टी के कई शानदार फायदे होते हैं। इनमें से एक फायदा कम और किफायती दाम हैं। बैंक प्रॉपर्टी की कीमत मौजूदा मार्केट रेट से लगभग 30% से 400% कम होती है।
शानदार लोकेशन: बिक्री के लिए ज्यादातर बैंक ऑक्शन प्रॉपर्टी पॉश इलाकों में होती हैं। यह उन्हें सभी के लिए आकर्षक बनाता है।
रेडी-टू-मूव-इन: भारत में बैंक ऑक्शन प्रॉपर्टी सुरक्षित और रहने के लिए तैयार होती हैं। डील पक्की होते ही खरीदार प्रॉपर्टी में जा सकता है।
कोई कानूनी दिक्कत नहीं: बैंक हर ऑक्शन प्रॉपर्टी को वेरिफाई करते हैं। इसलिए, उनसे जुड़े कोई कानूनी मसले नहीं हैं।
