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Builders: बिल्डरों ने टॉप सात शहरों में प्रोजेक्ट पूरा करने का समय 20 प्रतिशत घटाया, देखें क्या है रिपोर्ट में

Builders reduced project completion time : पिछले दशक में इन सात शहरों में 500 से कम इकाइयों वाली छोटी परियोजनाओं को पूरा करने में लगने वाला औसत समय चार वर्ष था, जबकि बिल्डरों को 500 से अधिक इकाइयों वाली बड़ी परियोजनाओं को पूरा करने में 4.9 वर्ष लगे। बिल्डरों द्वारा 2010-19 की अवधि के दौरान लिया गया औसत समय छोटी परियोजनाओं के लिए 4.9 वर्ष और बड़ी परियोजनाओं के लिए 6.1 वर्ष था।

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रियल एस्टेट डेवलपर्स

Photo : iStock

Builders reduced project completion time : सात प्रमुख शहरों में रियल एस्टेट डेवलपर्स सख्त नियमों और नवीनतम निर्माण प्रौद्योगिकियों के उपयोग के कारण एक परियोजना को पूरा करने में औसतन 18-20 प्रतिशत कम समय ले रहे हैं। रियल एस्टेट परामर्श कंपनी एनारॉक ने शीर्ष सात शहरों में 2010-2019 और 2014 से लेकर 2024 की पहली छमाही के बीच शुरू की गई और पूरी की गई सभी परियोजनाओं का विश्लेषण किया।

औसत समय चार वर्ष

पिछले दशक में इन सात शहरों में 500 से कम इकाइयों वाली छोटी परियोजनाओं को पूरा करने में लगने वाला औसत समय चार वर्ष था, जबकि बिल्डरों को 500 से अधिक इकाइयों वाली बड़ी परियोजनाओं को पूरा करने में 4.9 वर्ष लगे। बिल्डरों द्वारा 2010-19 की अवधि के दौरान लिया गया औसत समय छोटी परियोजनाओं के लिए 4.9 वर्ष और बड़ी परियोजनाओं के लिए 6.1 वर्ष था।

छोटी परियोजना पूरा होने का औसत समय 18 प्रतिशत

इस प्रकार, समीक्षाधीन अवधि के दौरान सात प्रमुख शहरों में छोटी परियोजनाओं के पूरा होने का औसत समय 18 प्रतिशत तथा बड़ी परियोजनाओं के पूरा होने का औसत समय 20 प्रतिशत कम हो गया है। एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा, “नियामक प्राधिकरणों द्वारा परियोजना में देरी पर लगाए गए कड़े नियम भी परियोजना के पूरा होने के समय को कम करने में एक प्रमुख कारक रहे हैं।”

आंकड़ों के अनुसार, चेन्नई में बिल्डरों ने पिछले 10 वर्षों में छोटी और बड़ी दोनों परियोजनाओं को पूरा करने में सबसे कम समय लिया। बड़ी परियोजनाओं के पूरा होने में अधिकतम समय कोलकाता में लगा, जबकि छोटी परियोजनाओं के पूरा होने में सबसे अधिक समय मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) और दिल्ली-एनसीआर में लगा।

भाषा इनपुट के साथ

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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