बजट 2026

EPS 95: 7500 रुपये पेंशन और मुफ्त इलाज, बजट 2025 से रिटायर्ड कर्मचारियों की क्या-क्या उम्मीदें

Budget 2025 Pensioners Expectations: पेंशनधारकों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग की। इस बैठक की अगुवाई ईपीएस 95 राष्ट्रीय आंदोलन समिति (एनएसी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर अशोक राउत ने की। उनको उम्मीद है कि सरकार आगामी बजट 2025 में न्यूनतम पेंशन बढ़ाने और महंगाई भत्ता देने की घोषणा करेंगी।

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पेंशनधारक

Photo : iStock

Budget 2025 Pensioners Expectations: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की पेंशन योजना (ईपीएस 95) के तहत आने वाले पेंशनधारकों के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये मासिक और महंगाई भत्ते की मांग समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा की।

इस बैठक की अगुवाई ईपीएस 95 राष्ट्रीय आंदोलन समिति (एनएसी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर अशोक राउत ने की।

वित्त मंत्री का आश्वासन

बैठक के बाद राउत ने बयान दिया, "वित्त मंत्री ने हमारी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया है। यह आश्वासन पेंशनधारकों को उम्मीद देता है।" राउत ने कहा कि सरकार को आगामी बजट में न्यूनतम पेंशन बढ़ाने और महंगाई भत्ता देने की घोषणा करनी चाहिए। उनका कहना है कि "7,500 रुपये न्यूनतम पेंशन और महंगाई भत्ता से कम कुछ भी वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानजनक जीवन देने में विफल होगा।"

पेंशन को लेकर मुख्य मांगे क्या हैं

  1. न्यूनतम पेंशन: पेंशन को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 7,500 रुपये मासिक करना।
  2. महंगाई भत्ता: पेंशन के साथ महंगाई भत्ता जोड़ना।
  3. मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं: पेंशनधारकों और उनके जीवनसाथी के लिए मुफ्त चिकित्सा सेवाएं।

पेंशनधारकों की दुर्दशा पर चर्चा

मुलाकात से पहले राउत ने पत्रकार वार्ता में बताया कि "देशभर में 78 लाख से अधिक पेंशनभोगी अत्यधिक दयनीय स्थिति में जी रहे हैं।" उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार की 2014 की 1,000 रुपये न्यूनतम पेंशन घोषणा के बावजूद 36.60 लाख से अधिक पेंशनभोगियों को इससे भी कम राशि प्राप्त हो रही है।

ईपीएस 95 की वर्तमान स्थिति

  • कर्मचारियों के मूल वेतन का 12% हिस्सा भविष्य निधि में जाता है।
  • नियोक्ता का 8.33% हिस्सा कर्मचारी पेंशन योजना में शामिल होता है।
  • सरकार भी 1.16% का योगदान करती है।

राउत ने कहा, "पेंशनभोगी सात-आठ वर्षों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।"

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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