बजट 2026

Budget 2024: रक्षा, पेंशन से सब्सिडी तक पर खर्च होता है बजट का पैसा, जानें कहां से फंड जुटाती है सरकार

Where Is Budget Amount Spent: सरकार जितनी राशि का बजट पेश करती है, उसका करीब 20 फीसदी लोन और उसका ब्याज चुकाने में चला जाता है। फिलहाल केंद्र सरकार पर 161 लाख करोड़ रु से ज्यादा का कर्ज है, जो कि देश की GDP से भी 60% से ज्यादा है।

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बजट राशि कहां खर्च की जाती है

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • 1 फरवरी को आएगा बजट
  • 20 फीसदी पैसा लोन पर होता है खर्च
  • कई तरीकों से लोन जुटाती है सरकार

Where Is Budget Amount Spent: 1 फरवरी को अंतरिम बजट पेश किया जाने वाला है। बजट सरकार की कमाई और खर्च का लेखा-जोखा होता है। इससे ये पता चलता है सरकार को कहां से कितना रुपया मिला और कहां खर्च हुआ। सरकार पूरे वित्त वर्ष में कहां-कहां पैसा खर्च करेगी, इसकी भी जानकारी बजट में दी जाती है। बता दें कि सरकार बतौर लोन काफी पैसा जुटाती है। इस लोन और उसके ब्याज को चुकाने का हिसाब-किताब भी बजट में होता है। यहां हम आपको बताएंगे कि सरकार हर साल लोन और उसके ब्याज पर बजट का कितना हिस्सा खर्च करती है। साथ ही जानेंगे कि सरकार को पैसा कहां से मिलता है।

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करीब 20 फीसदी सिर्फ लोन और ब्याज पर खर्च

बता दें कि सरकार जितनी राशि का बजट पेश करती है, उसका करीब 20 फीसदी लोन और उसका ब्याज चुकाने में चला जाता है। फिलहाल केंद्र सरकार पर 161 लाख करोड़ रु से ज्यादा का कर्ज है, जो कि देश की GDP से भी 60% से ज्यादा है।

और कहां-कहां खर्च होता है बजट का पैसा

  • वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार बजट की राशि में टैक्स पर राज्यों का हिस्सा करीब 18 फीसदी होता है
  • 7 फीसदी पैसा सब्सिडी पर खर्च होता है
  • 8 फीसदी पैसा रक्षा पर खर्च होता है
  • 4 फीसदी बजट राशि पेंशन के लिए अलॉट होती है
  • केंद्र सरकार की योजनाओं पर 17 फीसदी और केंद्र सरकार की प्रायोजित योजनाओं पर 9 फीसदी बजट राशि खर्च की जाती है
  • वित्त आयोग और अन्य संस्थाओं को 9 फीसदी पैसा मिलता है, जबकि बाकी 8 फीसदी अन्य खर्चों के लिए होता है

कहां-कहां से कर्ज जुटाती है सरकार

सरकार कुल 4 तरीके के कर्ज लेती है। इनमें घरेलू कर्ज सरकार को बीमा कंपनी, कॉर्पोरेट कंपनी, आरबीआई और अन्य बैंकों से मिलते हैं। वहीं ट्रेजरी बिल, गोल्ड बॉन्ड और स्मॉल सेविंग स्कीम इसके पब्लिक डेब्ट का हिस्सा होते हैं। विदेशी कर्ज में IMF, वर्ल्ड बैंक या किसी अन्य अंतरराष्ट्रीय बैंक से लिया गया कर्ज शामिल है। बाकी कर्ज जरूरत और उपलब्ध विकल्पों के आधार पर लिया जाता है।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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