बजट 2026

Union Budget 2025: निर्मला सीतारमण ने विभिन्न पक्षों के साथ बजट पर की चर्चा, आप भी दे सकते हैं सुझाव

Union Budget 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 6 जनवरी को किसान संगठन संगठनों, अर्बन सेक्टर के प्रतिनिधियों, उद्योग जगत और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के कई प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की।जिसमें हर सेक्टर के प्रतिनिधियों ने वित्त मंत्री को बजट 2025 को लेकर सुझाव दिए।

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Union Budget 2025: देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को यूनियन बजट 2025 पेश करेंगीं। ऐसे में बजट को लेकर वित्त मंत्रालय अलग-अलग स्तर पर लोगों से राय ले रहा है। बजट 2025 पर सभी की निगाहें है कि सरकार इनकम टैक्स में छूट सहित इस बार क्या-क्या सहूलियत लोगों को देने वाली है। ग्रामीण व्यवस्था, कल्याणकारी योजनाएं और किसी क्षेत्र को बढ़ाने के लिए सरकार क्या प्रयास करेगी, ये सब आने वाले वक्त में पता चलेगा। 2025 का बजट विकसित राष्ट्र के विजन पर भी केंद्रित हो सकता है।

वित्त मंत्री ने लोगों से मांगी राय

वित्त मंत्री ने 6 जनवरी को किसान संगठन संगठनों, अर्बन सेक्टर के प्रतिनिधियों, उद्योग जगत और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के कई प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की।जिसमें हर सेक्टर के प्रतिनिधियों ने वित्त मंत्री को बजट 2025 को लेकर सुझाव दिए। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ कई क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के अलावा वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, डिपार्टमेंट ऑफ़ इकोनॉमिक अफेयर्स के सचिव अजय सेठ सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

न्यूनतम पेंशन को 5 गुना करने की मांग

श्रमिक संगठनों ने वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में ईपीएफओ के तहत मिलने वाले न्यूनतम पेंशन को 5 गुना करने के साथ तत्काल आठवें वेतन आयोग को लागू करने के साथ अमीर लोगों पर ज्यादा टैक्स लगाने की मांग की है। बता दें कि ईपीएफओ से जुड़ी पेंशन को बढ़ाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ अर्थशास्त्रियों का कहना है कि आठवें वेतन आयोग की मांग पर सरकार इस बजट में कुछ भी लाने वाली नहीं है।

ट्रेड यूनियन कोऑर्डिनेशन सेंटर (TUCC) के राष्ट्रीय महासचिव ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ हुई बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार को सार्वजनिक उपकरणों के निजीकरण की पहल पर रोक लगनी चाहिए। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा निधि जताने के लिए ज्यादा अमीर लोगों पर अतिरिक्त दो प्रतिशत का टैक्स लगना चाहिए। इसके साथ उन्होंने सुपर रिच टैक्स, कॉरपोरेट टैक्स में बढ़ोतरी और आयकर छूट सीमा को बढ़ाकर 10 लाख रुपए करने की मांग की है।

10 लाख तक की कमाई पर ना लगे टैक्स

टैक्स रिजीम को लेकर लगातार लोग कह रहे हैं कि 10 से 12 लाख की सालाना आय वाले लोगों पर टैक्स न लगे या फिर टैक्स बहुत कम किया जाए। जानकारों का कहना है सरकार नए टैक्स सिस्टम में बदलाव करके 10 से 12 लाख सालाना कमाई करने वाले लोगों को लाभ दे सकती है। इसके साथ स्टैंडर्ड्स डिडक्शन की लिमिट 75 हजार से बढ़ाकर डेढ़ लाख किए जाने की मांग भी की जा रही है।

Ankita Pandey
अंकिता पाण्डेयauthor

अंकिता पाण्डेय टाइम्स नाऊ नवभारत डिजिटल में तीन साल से काम कर रही हैं। वह उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से ताल्लुक रखती हैं। माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही फील्ड रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत हुई। फिर जनसत्ता के डिजिटल प्लैटफॉर्म में लगभग 1.5 साल तक काम किया। 2022 में टाइम्स नाउ नवभारत के एजुकेशन टीम का हिस्सा बनीं। करीब चार साल के छोटे से करियर में स्कूली शिक्षा से लेकर रोजगार तक के सभी पहलुओं पर पकड़ बनाई। नए और रोचक विषयों पर स्टोरी बनाने के साथ ही सक्सेस स्टोरी के जरिए युवाओं को प्रोत्साहन देना भी काम का हिस्सा है। जॉब वैकेंसी, स्कूल-कॉलेज, करियर ऑप्शन, एग्जाम टिप्स, करंट अफेयर्स से जड़ी तमाम खबरों को लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत रहती हैं।

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