बजट 2026

Economic Survey 2025: भारत को अगले 20 साल में बुनियादी ढांचे पर भारी निवेश की जरूरत

India Infrastructure Investment 2025: आर्थिक समीक्षा 2025 के अनुसार, भारत को अगले 20 वर्षों तक इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में सतत निवेश करने की जरूरत है। चुनाव और मानसून के कारण निवेश प्रभावित हुआ, लेकिन सरकार ने पूंजीगत व्यय बढ़ाकर इसकी भरपाई की। निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने के लिए नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन और पीएम-गति शक्ति जैसी योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।

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आर्थिक समीक्षा 2025

Economic Survey 2025 India: भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए बुनियादी ढांचे (Infrastructure) में निवेश बढ़ाना बेहद जरूरी है। आर्थिक समीक्षा 2024-25 में कहा गया है कि अगले 20 वर्षों तक इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में सतत निवेश किया जाना चाहिए।

बढ़ेगा निवेश, मिलेगी मजबूती

आर्थिक समीक्षा के मुताबिक, भारत को ऊंची आर्थिक वृद्धि बनाए रखने के लिए सड़कों, रेल, हवाईअड्डों, बिजली और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निवेश को लगातार बढ़ाना होगा। 2024-25 की पहली तिमाही में लोकसभा चुनाव और मानसून के कारण इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च में गिरावट देखी गई। हालांकि, जुलाई से नवंबर 2024 के बीच सरकार ने पूंजीगत व्यय को तेज कर दिया।

कैपिटल एक्सपेंडिचर में बड़ा इजाफा

चालू वित्त वर्ष में केंद्र सरकार का पूंजीगत व्यय (Capex) वित्त वर्ष 2019-20 के मुकाबले 3.3 गुना अधिक निर्धारित किया गया है। सरकार पर्यावरण-अनुकूल शहरीकरण, सार्वजनिक परिवहन और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दे रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क संपर्क और आधारभूत ढांचे के विस्तार की जरूरत पर भी जोर दिया गया है।

निजी निवेश को बढ़ावा देने की जरूरत

बजट प्रतिबंधों के कारण सरकार को निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने के विकल्प तलाशने होंगे। नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (NIP), नेशनल मॉनेटाइजेशन पाइपलाइन (NMP) और पीएम-गति शक्ति योजना के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार ने वित्तीय बाजारों में सुधार करके निजी कंपनियों के लिए निवेश के नए अवसर तैयार किए हैं।

नवीकरणीय ऊर्जा पर विशेष जोर

शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन (Net Zero Emission) के लक्ष्य को पूरा करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) में अधिक निवेश किया जा रहा है। सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियां लाई जा रही हैं।

भाषा इनपुट के साथ

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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