Economic Survey 2025 India: भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए बुनियादी ढांचे (Infrastructure) में निवेश बढ़ाना बेहद जरूरी है। आर्थिक समीक्षा 2024-25 में कहा गया है कि अगले 20 वर्षों तक इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में सतत निवेश किया जाना चाहिए।
बढ़ेगा निवेश, मिलेगी मजबूती
आर्थिक समीक्षा के मुताबिक, भारत को ऊंची आर्थिक वृद्धि बनाए रखने के लिए सड़कों, रेल, हवाईअड्डों, बिजली और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निवेश को लगातार बढ़ाना होगा। 2024-25 की पहली तिमाही में लोकसभा चुनाव और मानसून के कारण इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च में गिरावट देखी गई। हालांकि, जुलाई से नवंबर 2024 के बीच सरकार ने पूंजीगत व्यय को तेज कर दिया।
कैपिटल एक्सपेंडिचर में बड़ा इजाफा
चालू वित्त वर्ष में केंद्र सरकार का पूंजीगत व्यय (Capex) वित्त वर्ष 2019-20 के मुकाबले 3.3 गुना अधिक निर्धारित किया गया है। सरकार पर्यावरण-अनुकूल शहरीकरण, सार्वजनिक परिवहन और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दे रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क संपर्क और आधारभूत ढांचे के विस्तार की जरूरत पर भी जोर दिया गया है।
निजी निवेश को बढ़ावा देने की जरूरत
बजट प्रतिबंधों के कारण सरकार को निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने के विकल्प तलाशने होंगे। नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (NIP), नेशनल मॉनेटाइजेशन पाइपलाइन (NMP) और पीएम-गति शक्ति योजना के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार ने वित्तीय बाजारों में सुधार करके निजी कंपनियों के लिए निवेश के नए अवसर तैयार किए हैं।
नवीकरणीय ऊर्जा पर विशेष जोर
शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन (Net Zero Emission) के लक्ष्य को पूरा करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) में अधिक निवेश किया जा रहा है। सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियां लाई जा रही हैं।
भाषा इनपुट के साथ
