वेस्टर्न कोसी कैनाल प्रोजेक्ट को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में भी बात की। उन्होंने कहा कि वेस्टर्न कोसी कैनाल को वित्तीय मदद दी जाएगी। वेस्टर्न कोसी कैनाल प्रोजेक्ट करीब 6 दशक पुराना है और अभी तक इसका काम पूरा नहीं हो पाया है।
अगर वेस्टर्न कोसी कैनाल यानी पश्चीमी कोसी नहर की सभी योजनाएं पूरी हो जाती हैं तो इससे मिथिला क्षेत्र ढाई लाख से ज्यादा हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का पानी मिलने लगेगा। जिन इलाकों में सिंचाई क्षमता खत्म हो गई है, उन्हें भी री-स्टोर कर लिया जाएगा।
बता दें कि मिथिलांचल क्षेत्र में सिंचाई के लिए बनी इस योजना का डीपीआर साल 1962 में बनी थी। इसके भी 9 साल बाद यानी 1971 में इय योजना पर काम शुरू हुआ और 50 वर्ष से अधिक होने पर भी इसका काम आज तक पूरा नहीं हो पाया है। इस योजना के तहत कई छोटे-छोटे हिस्सों में काम नहीं हुआ है, जिसके कारण पूरी योजना का लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है। बता दें कि इस परियोजना के तहत मुख्य नहर की लंबाई 91.82 किमी लंबी है।
