Budget 2025 AI Policy Expectation: बजट 2025-26 में देश के कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए कई नीतियों की घोषणा होने की संभावना है। इनमें AI केंद्रों की स्थापना, कौशल विकास के लिए विशेष योजनाएं, और देश को AI हब बनाने के लिए एक रोडमैप शामिल हो सकता है।
मानव-केंद्रित विकास पर जोर
सूत्रों के मुताबिक, इस नीति का उद्देश्य "मानव-केंद्रित तकनीकी विकास" सुनिश्चित करना होगा। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि AI के बढ़ते उपयोग से रोजगार पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
PM मोदी की AI विशेषज्ञों से चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट के CEO सत्य नडेला, वियानाई सिस्टम्स के संस्थापक विशाल सिक्का, और परप्लेक्सिटी AI के CEO अरविंद श्रीनिवास से मुलाकात की। इन बैठकों में मानव-केंद्रित AI और इसके संभावित अवसरों पर चर्चा हुई।
AI और रोजगार पर संभावित प्रभाव
AI के बढ़ते उपयोग से जहां नए अवसर बन सकते हैं, वहीं स्वचालन (automation) के कारण रोजगार में बदलाव की चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं। बजट में इन चुनौतियों से निपटने के लिए पुनः कौशल विकास (reskilling) और AI-सक्षम उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा।
AI स्किलिंग की मांग में वृद्धि
डेलॉइट इंडिया और नैसकॉम की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय AI प्रतिभा की मांग 2027 तक 1.25 मिलियन तक पहुंच सकती है, जो वर्तमान में 600,000-650,000 के बीच है। AI बाजार की अनुमानित वार्षिक वृद्धि दर 25-35% रहने की संभावना है, जिससे कौशल अंतर (skill gap) को भरने के लिए बड़े पैमाने पर अपस्किलिंग की आवश्यकता होगी।
India AI Mission की शुरुआत
सितंबर 2024 में, कैबिनेट ने ‘इंडिया AI मिशन’ को मंजूरी दी, जिसके लिए 10,300 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया। इसका उद्देश्य कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण, स्वदेशी AI क्षमताओं का विकास, और AI स्टार्टअप्स को वित्तपोषण प्रदान करना है।
Microsoft की AI स्किलिंग पहल
सत्य नडेला ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट 2030 तक भारत में 10 मिलियन लोगों को AI कौशल प्रदान करेगा। यह पहल भारतीय युवाओं को AI में नए अवसरों के लिए तैयार करने में सहायक होगी।
भारत का AI में नेतृत्व का लक्ष्य
PM मोदी ने कहा कि भारत AI के क्षेत्र में नवाचार और युवाओं के लिए अवसर निर्माण पर फोकस के साथ नेतृत्व करने के लिए प्रतिबद्ध है।
