STT And LTCG-STCG Hikes: मंगलवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए बजट पेश किया। बजट से शेयर बाजार के निवेशकों को निराशा हुई, जिसकी वजह लॉन्ग और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स को बढ़ाना और शेयर बायबैक पर टैक्स लगाने का प्रस्ताव है। बजट में फ्यूचर एंड ऑप्शन (
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फ्यूचर एंड ऑप्शन ट्रेडर्स को झटका
फ्यूचर एंड ऑप्शन (F&O) ट्रेडर्स को एक बड़ा झटका देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एसटीटी (Security Transactions Tax) रेट को 0.01 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.02 प्रतिशत करने की घोषणा की। इस प्रस्ताव को लागू करने के बाद, इक्विटी और इंडेक्स ट्रेडर्स को अपने ट्रेड के लिए दोगुना टैक्स देना होगा।
वित्त मंत्री ने एसटीटी दर को दोगुना करने के बजट प्रस्ताव की घोषणा करते हुए कहा, "मेरे पास टैक्स बेस को बढ़ाने के दो प्रस्ताव हैं। इनमें सिक्योरिटीज के फ्यूचर और ऑप्शन पर एसटीटी को क्रमशः 0.02 प्रतिशत और 0.1 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। दूसरा शेयरों की बायबैक पर होने वाली इनकम पर टैक्स लगेगा। ये टैक्स कंपनी को शेयर वापस बेचने वालों को बायबैक इनकम पर देना होगा।
उदाहरण से समझिए बायबैक पर टैक्स का मतलब
उदाहरण के लिए यदि कोई कंपनी बायबैक (अपने ही शेयर मौजूदा शेयरधारकों से वापस खरीदना) करती है, तो पैसा बायबैक में कंपनी को शेयर बेचने वालों को मिलेगा, उस पर टैक्स लगाया जाएगा।
शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स (STCG) टैक्स रेट में बढ़ोतरी
- नई रेट : 20%
- पुरानी रेट: 15%
शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स रेट को 15 फीसदी से बढ़ाकर 20 फीसदी कर दिया गया है।
लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स रेट में बढ़ोतरी
- नई रेट : 12.5%
- पुरानी रेट : 10%
लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स रेट को 10 फीसदी से बढ़ाकर 12.5 फीसदी कर दिया गया है।
लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन छूट बढ़ी
हालांकि एक राहत शेयर बाजार के निवेशकों की गई है। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन छूट बढ़ाई गई है। इसके तहत नई छूट लिमिट 1.25 लाख रु है, जो कि अब तक 1 लाख रु थी। इसका मतलब है कि सालाना अब 1.25 लाख रुपये तक के कैपिटल गेन को कैपिटल गेन्स टैक्स से छूट मिलेगी।
